कुंडा सीओ जियाउल हक हत्याकांड में बड़ा फैसला, आरोपी बालिग करार
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बहुचर्चित कुंडा के तत्कालीन सीओ जियाउल हक हत्याकांड में मुख्य आरोपी पूर्व प्रधान के भाई सुरेश यादव के पुत्र योगेंद्र सिंह यादव उर्फ बब्लू को अदालत ने बालिग करार दिया है। जिला न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार ने योगेंद्र को नाबालिग करार दिए जाने के जेजे बोर्ड के आदेश को निरस्त कर दिया।
गौरतलब है कि प्रतापगढ़ के बलीपुर के प्रधान की हत्या के बाद भड़की भीड़ ने 2 मार्च 2013 को कुंडा के तत्कालीन सीओ जियाउल हक की हत्या कर दी थी। बाद में इस मामले की विवेचना स्थानीय पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी गई थी।
सीबीआई ने 7 जून 2013 को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) मिर्जा जीनत के समक्ष चार्जशीट पेश करके योगेंद्र सिंह यादव उर्फ बब्ल, फूलचंद्र यादव, पवन कुमार यादव, मंजीत यादव, घनश्याम यादव, रामलखन गौतम, छोटेलाल यादव, राम आसरे, मुन्ना लाल, शिवराम पासी, जगत बहादुर पाल तथा घटना में मारे गए सुरेश यादव को आरोपी बनाया था।
इस मामले में योगेंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद जब कोर्ट में पेश किया गया तो योगेंद्र की तरफ से मार्क्सशीट पेश करके उसे नाबालिग बताया गया था। इस पर विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसके मामले को जेजे बोर्ड भेज दिया। जेजे बोर्ड ने 29 मई 2013 को योगेंद्र को बालिग घोषित कर दिया था।
ये कहकर दी गई थी चुनौती
जेजे बोर्ड के इस आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी गई थी। तत्कालीन जिला न्यायाधीश केके शर्मा ने 29 अक्तूबर 2014 को योगेंद्र यादव को नाबालिग मानते हुए कहा कि उसकी उम्र 16 वर्ष 9 माह 14 दिन थी, लिहाजा उसके मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड में होगी।
सीबीआई ने जिला न्यायाधीश के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस पर हाईकोर्ट ने जिला जज के आदेश को खारिज करते हुए जेजे बोर्ड को इस मामले की नए सिरे से सुनवाई करने का आदेश दिया। जेजे बोर्ड ने सुनवाई के बाद 21 नवंबर 2015 को योगेंद्र यादव को नाबालिग घोषित कर दिया।
सीबीआई ने जिला न्यायाधीश के समक्ष याचिका दाखिल कर जेजे बोर्ड के आदेश को चुनौती दी। इसमें सीबीआई ने कहा कि जिस मार्क्सशीट के आधार पर योगेंद्र यादव को नाबालिग घोषित किया गया है, वह शिक्षा योगेंद्र ने अपने बाबा के नाम पर स्थापित दुखी राम स्कूल से ली है।
स्कूल योगेंद्र के परिवार का ही है। योगेंद्र के दस्तावेजों में उसकी जन्मतिथि बदली गई है। कोर्ट ने अपील की सुनवाई के बाद माना कि घटना के समय योगेंद्र यादव बालिग था।