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मुख्यमंत्री योगी की बड़ी घोषणा : सीएम फेलोशिप के शोधार्थियों को सरकारी सेवा में मिलेगी वरीयता
Sat, 22 Oct 2022 12:30 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 22 Oct 2022 12:30 AM IST
सार
सीएम योगी ने कहा कि गांव में जाति और धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन वहां पर सभी परिवार की तरह काम करते हैं। आज भी गांव में देखने में आता है कि किसी के पास जमीन है तो किसी के पास स्किल। ऐसे में दोनों साथ में मिलकर काम करते है और उसके बेहतर परिणाम सामने आते हैं।
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सीएम योगी ने मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के तहत नवचयनित शोधार्थियों टैबलेट्स वितरित किए।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सीएम फेलोशिप कार्यक्रम के तहत तैनात होने वाले शोधार्थियों को सरकार आयु सीमा में छूट और अतिरिक्त वरीयता देकर सरकारी सेवा में लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फेलोशिप कार्यक्रम नए प्रयोग के रूप में उभरकर सामने आएगा। वे शुक्रवार को लोक भवन में सीएम फेलोशिप कार्यक्रम में चयनित शोधार्थियों के लिए आयोजित टैबलेट वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि जो भी शोधार्थी दो-तीन साल बाद शासकीय सेवा में आना चाहें सरकार उन्हें वरीयता देगी क्योंकि उनके पास काम का अच्छा अनुभव हो जाएगा। मुख्यमंत्री फेलोशिप के सभी 100 शोधार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए सीएम ने कहा कि वे अपने आकांक्षात्मक ब्लॉकों में काम करने के साथ ग्रामीण विकास पर एक ग्रंथ भी लिखें। प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के महत्व को देखते हुए योजना के तहत 100 ऐसे ब्लॉकों का चयन किया गया है जो विकास की प्रक्रिया में पीछे छूट गए थे। इन ब्लॉकों को भी सामान्य विकासखंड की तरह विकसित करने के लिए इन शोधार्थियों को तैनात किया जा रहा है। शोधार्थी अगले कुछ वर्षों में अपना परिणाम देकर सरकार के विकास की यात्रा में सहभागी बनेंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना सहित अन्य लोग शामिल थे।
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आकांक्षात्मक जिलों में हुआ बेहतर काम
सीएम ने कहा कि 2018 में चयनित देश के 112 आकांक्षी जिलों में से आठ यूपी के थे। हाल ही में आकांक्षी जिलों में देश में जिन 10 जिलों ने सबसे अच्छा काम किया, उनमें पांच जिले यूपी के हैं। टॉप 20 में प्रदेश के सभी 8 जिले हैं। सभी शोधार्थियों को अपने विकासखंडों में काम करने के साथ डाटा कलेक्शन और डॉक्यूमेंटेंशन करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षकों को शैक्षिक कार्य के साथ गांव की जनगणना, मतदाता सूची के लिए जरूर जाना चाहिए क्योंकि उन्हे गांव की सामाजिक और आर्थिक परिस्थिति की पूरी जानकारी होती है। वे गांव की पूरी जानकारी शासन को उपलब्ध कराएं ताकि वहां इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जा सके।
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पाठक की थीसिस डॉक्यूमेंटेंशन का अच्छा उदाहरण
योगी ने कहा कि प्रदेश के विकास कार्य की समीक्षा के लिए उनके साथ दोनों डिप्टी सीएम को भी 25-25 जिले दिए गए। इसमें उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपने 25 जिलों के कार्यों के डाटा को संकलित कर उसकी थीसिस बनाई। उन्होंने कहा कि यह डॉक्यूमेंटेंशन का अच्छा उदाहरण है।