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लोकसभा चुनाव नतीजे आने के बाद होगा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, माथापच्ची शुरू

Sat, 18 May 2019 10:41 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 18 May 2019 10:41 AM IST
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Big administrative changes to be done after Lok Sabha Elections 2019 results.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल तय माना जा रहा है। कृषि उत्पादन आयुक्त, चेयरमैन पिकप, चकबंदी आयुक्त के पद खाली हैं तो बेसिक शिक्षा, आबकारी, भूतत्व एवं खनिकर्म जैसे कई विभागों के मुखिया का पद कामचलाऊ व्यवस्था में अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रहा है। इनके सहित रिक्त व कामचलाऊ व्यवस्था वाले पदों पर अफसरों की तैनाती को लेकर माथापच्ची शुरू हो गई है।

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कृषि उत्पादन आयुक्त प्रभात कुमार पिछले महीने की 30 तारीख को रिटायर हो गए। औद्योगिक विकास आयुक्त का पद मुख्य सचिव के साथ चल रहा है। चेयरमैन पिकप का पद जनवरी से ही खाली है। मुख्य सचिव के पास इसका अतिरिक्त प्रभार है। सरकार को एपीसी के पद पर किसी वरिष्ठ अधिकारी की तैनाती करनी ही है। चुनाव की वजह से इसे टाल दिया गया था।
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औद्योगिक विकास आयुक्त व चेयरमैन पिकप के पद पर किसी अधिकारी की तैनाती की जाती है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी। आईआईडीसी की कुर्सी के लिए कई अफसर लॉबिंग कर रहे हैं। एपीसी व आईआईडीसी का पद भविष्य के मुख्य सचिव का रास्ता भी माना जाता है।
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अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार के पास चकबंदी आयुक्त व अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा का भी प्रभार पहुंच गया है। चुनाव बाद रेणुका केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा सकती हैं। उनका सचिव पद के लिए इम्पैनलमेंट पहले ही हो चुका है। सरकार को चकबंदी आयुक्त के पद पर किसी नए अधिकारी की जल्द से जल्द तैनाती करनी होगी। चकबंदी निदेशालय में भी कई पद खाली चल रहे हैं।

ये पद अरसे से खाली तो ब्यूरोक्रेसी में भी मनभेद चर्चा का विषय

अपर मुख्य सचिव राजस्व व बेसिक शिक्षा का दायित्व रेणुका के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने तक बनाए रखे जाने की संभावना है। राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी का पद अर्से से खाली है। मुख्य सचिव प्राधिकरण के पदेन मुख्य कार्यपालक अधिकारी होते हैं। नियमित एसीईओ न होने से प्राधिकरण की गतिविधियां रफ्तार नहीं पकड़ पा रही हैं। एसीईओ का पद भी शासन में सचिव स्तर के आईएएस अधिकारी के लिए तय है।

राजस्व परिषद में आयुक्त एवं सचिव के पद पर प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी की तैनाती है। इसके अलावा परिषद में चेयरमैन तथा आयुक्त व सचिव के बीच मनभेद की चर्चा ब्यूरोक्रेसी में चर्चा का विषय है। आयुक्त एवं सचिव अपने स्तर से नीचे के पद पर तैनाती से खुश नहीं बताए जा रहे तो सरकार आयुक्त एवं सचिव के क्रियाकलापों से खुश नहीं बताई जा रही है।

माना जा रहा है राजस्व परिषद में आयुक्त एवं सचिव के पद पर किसी नए अफसर की तैनाती हो सकती है। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी स्वास्थ्य कारणों से लंबी छुट्टी पर हैं। प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा को अतिरिक्त रूप से इस विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

भूतत्व व खनिकर्म के साथ आबकारी विभाग की जिम्मेदारी बड़े-बड़े विभागों का काम देख रहे अफसरों के पास अतिरिक्त प्रभार के रूप में है। अतिरिक्त जिम्मेदारी वाले कुछ अफसरों का भार हल्का किया जा सकता है। चुनाव नतीजे आने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्रालय में अपर सचिव देवेश चतुर्वेदी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से यूपी लौटेंगे। उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है।

मुख्यमंत्री सचिवालय में भी कई नए अफसरों की तैनाती संभव

मुख्यमंत्री के सचिव मृत्युंजय कुमार नारायण केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। केंद्र में आईएएस अधिकारी के लिए अपर सचिव या सचिव स्तर पर तैनाती के लिए संयुक्त सचिव स्तर पर सेवा जरूरी कर दी गई है। मृत्युंजय इस समय केंद्र में संयुक्त सचिव स्तर के  अधिकारी हैं और यदि अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नहीं गए तो भविष्य में केंद्र में उनकी तैनाती में अड़चन आ सकती है।

सरकार ने मृत्युंजय के कॅरिअर के मद्देनजर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनाती के लिए अनापत्ति दे दी है। चुनाव बाद केंद्र सरकार उन्हें तैनाती दे सकती है। मुख्यमंत्री कार्यालय में कई अधिकारी करीब दो वर्षों से तैनात हैं। इनमें विशेष सचिव स्तर के कुछ को जिलों की कमान देकर मुख्यमंत्री कार्यालय में कुछ नए अफसरों को लाया जा सकता है।

दीपक सिंघल सहित पांच इसी माह हो रहे रिटायर
एनसीआर कमिश्नर व पूर्व मुख्य सचिव दीपक सिंघल तथा वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पीवी जगनमोहन, चंद्र प्रकाश त्रिपाठी, कर्ण सिंह चौहान इसी महीने रिटायर हो रहे हैं। इनकी तैनाती वाले पदों की जिम्मेदारी किसी अन्य अधिकारी को सौंपनी होगी। बलविंदर सिंह भुल्लर भी इसी महीने रिटायर हो रहे हैं। वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं।

फील्ड में भी बड़े बदलाव की संभावना

लोकसभा चुनाव के दौरान फील्ड में तैनात कई अफसरों पर सत्ताधारी दल से बायस होकर काम करने की शिकायतें आई हैं। इसके अलावा 23 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों को आईएएस काडर में पदोन्नति की मंजूरी मिल चुकी है।

कुछ दिनों में इनकी पदोन्नति की अधिसूचना जारी हो सकती है। ऐसे में इन अफसरों की भी आईएएस काडर के लिए अधिसूचित पदों पर तैनाती करनी होगी। इनमें कई को जिलों की कमान मिलनी तय मानी जा रही है। नतीजे आने के बाद अफसरों की भूमिका की समीक्षा के बाद बड़ा बदलाव हो सकता है।

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