{"_id":"683eb899f2ace7c73f00622e","slug":"better-fire-exit-arrangements-at-kgmu-trauma-centre-lucknow-news-c-13-1-lko1070-1233376-2025-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: ट्रॉमा सेंटर में आग लगी तो धुएं में भी दिखेगा रास्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: ट्रॉमा सेंटर में आग लगी तो धुएं में भी दिखेगा रास्ता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्विद्यालय (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की स्थिति में बचाव की व्यवस्था और दुरुस्त्व की जा रही है। अगर आग लगी और धुआं भरा तब भी लोगों की रास्ता नजर आता रहेगा। इसके लिए संस्थान में फायर एग्जिट लाइट लगाई जा रहीं हैं।
ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रेमराज सिंह ने बताया कि आग लगना कहीं के लिए भी खतरनाक है, लेकिन अस्पताल के मामले में स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। किसी भी भवन में आग लगने की स्थिति में धुंआ भरने की वजह से रास्ते नजर नहीं आते। यही वजह है कि आग से झुलसने के बजाय ज्यादा पीड़ित धुएं की वजह से दम घुटने वाले होते हैं। इसको देखते हुए फायर एग्जिट लाइट की व्यवस्था की जाती है। आग लगने के बावजूद ये लाइट हरे रंग की लाइट से रास्ता दिखाती रहतीं हैं। ट्रॉमा सेंटर में ये लाइट लगवाई जा रहीं हैं। ट्रॉमा सेंटर का रैंप पहले ही बनाया जा चुका है। इससे ट्रॉमा सेंटर की ऊपरी मंजिल से भी निकलना संभव है। इसके साथ ही अन्य व्यवस्था भी दुरुस्त की जा रहीं हैं।
विज्ञापन
ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रेमराज सिंह ने बताया कि आग लगना कहीं के लिए भी खतरनाक है, लेकिन अस्पताल के मामले में स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। किसी भी भवन में आग लगने की स्थिति में धुंआ भरने की वजह से रास्ते नजर नहीं आते। यही वजह है कि आग से झुलसने के बजाय ज्यादा पीड़ित धुएं की वजह से दम घुटने वाले होते हैं। इसको देखते हुए फायर एग्जिट लाइट की व्यवस्था की जाती है। आग लगने के बावजूद ये लाइट हरे रंग की लाइट से रास्ता दिखाती रहतीं हैं। ट्रॉमा सेंटर में ये लाइट लगवाई जा रहीं हैं। ट्रॉमा सेंटर का रैंप पहले ही बनाया जा चुका है। इससे ट्रॉमा सेंटर की ऊपरी मंजिल से भी निकलना संभव है। इसके साथ ही अन्य व्यवस्था भी दुरुस्त की जा रहीं हैं।
विज्ञापन