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Lucknow News: स्टेडियम में शोर से पहले स्कूल बसों में जाम से जूझते हैं बच्चे

Wed, 01 Apr 2026 02:08 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2026 02:08 AM IST
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Before the noise of the stadium, children struggle with traffic jams on school buses.
प्रतीकात्मक तस्वीर। 

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लखनऊ। इकाना स्टेडियम में जब भी बड़े मैच का शोर होता है उससे पहले स्कूलों की छुट्टी के बाद घर लौट रहे बच्चों को जाम से जूझना पड़ता है। बच्चे स्कूल बस की खिड़की से सिर्फ चींटी की रफ्तार से रेंगती गाड़ियों को निहारते हैं। सामान्य दिनों की तुलना में उन्हें घर पहुंचने में दो से तीन घंटे ज्यादा लगते हैं।



शहीद पथ और उसके आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि आईपीएल मैच के दौरान जाम और डायवर्जन की वजह से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। दोपहर में जब तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार होता है, तब शहीद पथ पर जाम में फंसीं स्कूल बसों में बच्चे गर्मी से परेशान रहते हैं।
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स्कूली बसों के लिए समय हो निर्धारित



स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को मैच की टाइमिंग या रूट डायवर्जन इस तरह प्लान करना चाहिए कि स्कूलों की छुट्टी के समय भारी वाहनों और दर्शकों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित हो। एक समय निर्धारित करना चाहिए जब सिर्फ स्कूली बसें ही निकाली जाएं। इससे बच्चों को परेशानी नहीं होगी।
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चाहकर भी रास्ता नहीं दे पाती ट्रैफिक पुलिस



प्रशासन हर बार दावा करता है कि स्कूली वाहनों और एंबुलेंस को डायवर्जन से मुक्त रखा जाएगा। जब हजारों गाड़ियां एक साथ शहीद पथ पर उतरती हैं तो पुलिस चाहकर भी स्कूली वाहनों को रास्ता नहीं दे पाती।

- साधना तिवारी, पार्थ आद्यांत अपार्टमेंट





जाम की वजह से स्कूल नहीं जाते बच्चे

मैच वाले दिन लोगोंं की जिंदगी घरों में कैद हो जाती है। डायवर्जन दोपहर में लागू होना रहता है लेकिन पुलिस सुबह से ही वाहनों को रोकने लगती है। इस कारण कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजते।


- उमाशंकर, आद्यांत अपार्टमेंट







अब तक बना जाना चाहिए था वैकल्पिक मार्ग



स्टेडियम के पीछे जिस वैकल्पिक अंडरपास को बनाने की चर्चा हुई थी, उसे अब तक बनाकर तैयार कर देना चाहिए था। अक्सर देखते हैं कि रातों-रात सड़कें बन जाती हैं, तो फिर इसमें इतनी देरी क्यों?



- अंशु अग्रवाल, लक्ष्य हाइट्स सोसाइटी, सुशांत गोल्फ सिटी
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