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Lucknow News: गोकना घाट पर सौंदर्यीकरण का काम सुस्त
Tue, 07 Jan 2025 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 07 Jan 2025 12:32 AM IST
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ऊंचाहार (रायबरेली)। गोकर्ण ऋषि की तपस्थली गोकना घाट के सौंदर्यीकरण के लिए एक वर्ष पहले उप्र. पर्यटन विभाग ने योजना बनाई। इसके लिए तीन करोड़ का बजट स्वीकृत किया, लेकिन ठेकेदार की मनमानी से काम की गति बहुत धीमी है। निर्माण कार्य सुस्त होने से तीर्थ पुरोहितों और दुकानदारों की आजीविका पर संकट छा गया है।
सौंदर्यीकरण का कार्य जनवरी 2024 में काम शुरू हुआ। पहले चरण में पक्का घाट बनाया जा रहा है। घाट का निर्माण सुस्त गति से चलने से लोगों में रोष है। घाट पर निर्माण होने से स्नान बंद है। जिसको लेकर तीर्थ पुरोहितों में नाराजगी बनी हुई है। तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि जनवरी 2024 में बजट मिलने के बाद पहले चरण का काम शुरू था।
ठेकेदार ने लगभग 70 मीटर लंबी व 12 मीटर चौड़ी सीढ़ियां बनाने के लिए खोदाई कराई। नींव भराई का काम शुरू हुआ, लेकिन निर्माण एजेंसी की लापरवाही के कारण छह माह में नींव की भराई का काम भी पूरा नहीं हो सका, इसी बीच बारिश शुरू हो गई। गंगा का जलस्तर बढ़ने से काम बंद हो गया। स्थानीय प्रशासन ने घाट पर स्नान करने पर रोक लगा दी।
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लगभग एक वर्ष से गोकना घाट पर स्नान बंद है। दिसंबर में नदी का जल कम हुआ तो काम फिर शुरू हुआ। स्थानीय लोगों की माने तो एक माह में महज पांच दिन ही काम चला। तीर्थ पुरोहित जितेंद्र द्विवेदी, ओमप्रकाश दीक्षित, दुर्योधन मिश्र, रामप्रकाश दीक्षित, उमाकांत शुक्ल, गुरुप्रसाद, कृष्णकांत शुक्ल का आरोप है कि ठेकेदार की लापरवाही से काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
घाट पर स्नान बंद होने से तीर्थ पुरोहितों की आमदनी ठप है। घाट पर दुकान लगाने वाले भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। निर्माण की मंदगति को लेकर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
एसडीएम सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि घाट निर्माण में तेजी लाने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए गए है। इसके बाद भी काम में तेजी न आई तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जाएगा।
कई जनपदों से यहां गंगा स्नान करने आते हैं श्रद्धालु
जिले के रोहनिया, जगतपुर, दीनशाह गौरा, राही, डीह, सलोन, छतोह ब्लाक सहित प्रतापगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर, कौशांबी व फतेहपुर आदि जनपदों के लोग हर माह अमावस्या, पूर्णिमा व अन्य स्नान पर्वों पर स्नान करने आते हैं।
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सौंदर्यीकरण का कार्य जनवरी 2024 में काम शुरू हुआ। पहले चरण में पक्का घाट बनाया जा रहा है। घाट का निर्माण सुस्त गति से चलने से लोगों में रोष है। घाट पर निर्माण होने से स्नान बंद है। जिसको लेकर तीर्थ पुरोहितों में नाराजगी बनी हुई है। तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि जनवरी 2024 में बजट मिलने के बाद पहले चरण का काम शुरू था।
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ठेकेदार ने लगभग 70 मीटर लंबी व 12 मीटर चौड़ी सीढ़ियां बनाने के लिए खोदाई कराई। नींव भराई का काम शुरू हुआ, लेकिन निर्माण एजेंसी की लापरवाही के कारण छह माह में नींव की भराई का काम भी पूरा नहीं हो सका, इसी बीच बारिश शुरू हो गई। गंगा का जलस्तर बढ़ने से काम बंद हो गया। स्थानीय प्रशासन ने घाट पर स्नान करने पर रोक लगा दी।
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लगभग एक वर्ष से गोकना घाट पर स्नान बंद है। दिसंबर में नदी का जल कम हुआ तो काम फिर शुरू हुआ। स्थानीय लोगों की माने तो एक माह में महज पांच दिन ही काम चला। तीर्थ पुरोहित जितेंद्र द्विवेदी, ओमप्रकाश दीक्षित, दुर्योधन मिश्र, रामप्रकाश दीक्षित, उमाकांत शुक्ल, गुरुप्रसाद, कृष्णकांत शुक्ल का आरोप है कि ठेकेदार की लापरवाही से काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
घाट पर स्नान बंद होने से तीर्थ पुरोहितों की आमदनी ठप है। घाट पर दुकान लगाने वाले भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। निर्माण की मंदगति को लेकर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
एसडीएम सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि घाट निर्माण में तेजी लाने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए गए है। इसके बाद भी काम में तेजी न आई तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जाएगा।
कई जनपदों से यहां गंगा स्नान करने आते हैं श्रद्धालु
जिले के रोहनिया, जगतपुर, दीनशाह गौरा, राही, डीह, सलोन, छतोह ब्लाक सहित प्रतापगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर, कौशांबी व फतेहपुर आदि जनपदों के लोग हर माह अमावस्या, पूर्णिमा व अन्य स्नान पर्वों पर स्नान करने आते हैं।