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एक और कांग्रेसी सांसद की बढ़ीं भाजपा से नजदीकियां
अखिलेश वाजपेई/लखनऊ
Updated Thu, 14 Nov 2013 12:01 AM IST
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भाजपा व संजय सिंह एक-दूसरे के नजदीक आते जा रहे हैं।
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हालांकि अभी यह नहीं तय हो पाया है कि संजय सिंह भाजपा में वापसी कब करेंगे।
सूत्रों की मानें तो मामला समायोजन पर जाकर अटक गया है।
संजय सिंह भाजपा से राज्यसभा में जाने की गारंटी चाहते हैं। लेकिन, इस पर अभी बात बन नहीं पा रही है।
हालांकि पार्टी के एक केंद्रीय नेता का कहना है कि संजय सिंह किसी भी दिन भाजपा में आ सकते हैं।
दरअसल, संजय सिंह के भाजपा में वापस आने की चर्चा तो काफी पहले से थी।
पर, मंगलवार को अमेठी के भूपति भवन में संजय सिंह के जन्मदिवस पर समारोह में जुटे चेहरों ने इन चर्चाओं को और बल दे दिया।
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सुल्तानपुर से इस समय कांग्रेस के सांसद संजय सिंह के जन्मदिन समारोह में भाजपा नेताओं के जमावड़े ने इस चर्चा को मजबूती दे दी कि कांग्रेस से संजय सिंह का मोह भंग हो रहा है।
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हालांकि इस बारे में संजय सिंह और उनकी पत्नी पूर्व मंत्री अमिता सिंह ने जन्मदिन समारोह में मौजूद लोगों से यही कहा, ‘यह कार्यक्रम पारिवारिक है। इसमें घर के लोग शामिल हुए हैं। इसे राजनीति से न जोड़ा जाए।’
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पहले भी रह चुके हैं भाजपा में
संजय सिंह पहले कांग्रेस में ही थे। पर, बाद में वह भाजपा में आ गए थे। वह भाजपा के टिकट पर 1998 में अमेठी से सांसद रहे।
भाजपा ने उन्हें 1999 में भी अमेठी से उम्मीदवार बनाया। पर, वह सोनिया गांधी के मुकाबले लगभग 1.50 लाख वोट पाकर हार गए।
उनकी पत्नी अमिता सिंह भाजपा सरकार में उत्तर प्रदेश में मंत्री भी रहीं। पर, 2003 में वह वापस कांग्रेस में चले गए। पर, कांग्रेस में वह पिछले कुछ वर्षों से उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
भाजपा घेरना चाहती है नेहरू परिवार को
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस में संजय सिंह की उपेक्षा का भाजपा के रणनीतिकार फायदा उठाना चाहते हैं।
रणनीतिकारों का मानना है कि चुनाव के दौरान अगर सोनिया व राहुल गांधी को ज्यादा से ज्यादा उनके क्षेत्रों में घेर लिया जाए तो भाजपा के लिए दिल्ली का रास्ता काफी आसान हो सकता है।
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इसी रणनीति के तहत भाजपा संजय सिंह को अमेठी में उतारकर राहुल गांधी को घेरना चाहती है।
सूत्रों की मानें तो नरेन्द्र मोदी की भी यही इच्छा है। पर, संजय सिंह इसके लिए राज्यसभा में अपनी इंट्री की गारंटी चाहते हैं।
जिसे देना भाजपा के लिए मुश्किल हो रहा है। हालांकि इस बारे में संजय सिंह से बात करने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो पाया।
उधर, भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि मोदी की लोकप्रियता के चलते तमाम लोग पार्टी के संपर्क में हैं।
पर, संजय सिंह से बातचीत की जानकारी उन्हें नहीं है। वैसे भी संजय सिंह का जो कद है। उसको देखते हुए उनके बारे में केंद्रीय नेतृत्व ही फैसला करेगा।
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