प्रमोशन में आरक्षण पर घमासान, होगा सामना
प्रमोशन में आरक्षण के मसले पर समर्थक और विरोधी 22 अप्रैल को फिर आमने-सामने होंगे। आरक्षण समर्थक जहां इस दिन को आरक्षण बचाओ दिवस के रूप में मनाएंगे तो विरोधी इसे खत्म करने के लिए संकल्प दिवस मनाएंगे।
बता दें कि प्रमोशन में आरक्षण का मामला उस वक्त फिर सुर्खियों में आ गया है, जब प्रदेश सरकार ने सिचाईं विभाग के कार्मिकों को पदावनत करने के आदेश जारी कर दिए।
हालांकि सरकार ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अवमानना याचिका से बचने के लिए लिया है। इसके बाद से आरक्षण समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए हैं।
सभी विभागों में हो सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, डॉ. राम शब्द जैसवारा, आरपी केन ने संयुक्त बयान में कहा कि जल्द ही कुछ संसदीय क्षेत्रों व विधानसभा क्षेत्रों में सामाजिक बहिष्कार सम्मेलन शुरू किए जाएंगे।
उधर, सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने आरक्षण का लाभ लेने वाले सभी कर्मियों की पदोन्नतियां निरस्त करने की मांग की है। रेल कर्मचारियों ने प्रमोशन में आरक्षण के विरोधी अभियान के लिए रविवार को समिति का समर्थन किया। रेलकर्मी 22 अप्रैल को संकल्प दिवस में भी शामिल होंगे।
रविवार को हुई सभा में समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन सभी विभागों में होना चाहिए। सभा में काफी संख्या में शिक्षक भी शामिल हुए।