फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Basic Shiksha Sanvarg to be formed for transfer and promotion.

बेसिक शिक्षा विभाग: तैनाती, पदोन्नति के लिए होगा बेसिक शिक्षा संवर्ग का गठन

Sat, 22 Jun 2019 02:09 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 22 Jun 2019 02:09 PM IST
विज्ञापन
Basic Shiksha Sanvarg to be formed for transfer and promotion.
प्रतीकात्मक तस्वीर

बेसिक शिक्षा विभाग में तैनाती, पदोन्नति, स्थानांतरण और सेवा से जुड़े मामलों के लिए बेसिक शिक्षा संवर्ग का गठन किया जाएगा। बच्चों को निशुल्क स्कूल यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तकें, जूते-मोजे, स्कूल बैग और स्वेटर वितरण के लिए अलग से निकाय गठित किया जाएगा।

विज्ञापन


बेसिक शिक्षा विभाग में तैनाती, पदोन्नति, स्थानांतरण और सेवा संबंधी प्रकरणों के निस्तारण में काफी विलंब होता है। शिक्षकों और कर्मचारियों की पदोन्नति और सेवा संबंधी हजारों मामले लंबित हैं।
विज्ञापन


उनके तबादले करने के लिए भी विभाग से लेकर सरकार तक को मशक्कत करनी पड़ती है। वर्तमान में संचालित शिक्षा सेवा संवर्ग में शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो रहा है। बीते दिनों हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभाग ने शिक्षा सेवा संवर्ग का विभाजन कर बेसिक शिक्षा संवर्ग के गठन की तैयारी की है। इसमें पर्याप्त संख्या में अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। तैनाती, पदोन्नति, स्थानांतरण और सेवा संबंधी मामलों के निपटारे के लिए निर्धारित समय सीमा तय की जाएगी।

डेढ़ हजार करोड़ से ज्यादा खर्च करती हैं सरकारें

बेसिक शिक्षा विभाग के 1 लाख 58 हजार 914 विद्यालयों में अध्ययनरत 1.57 करोड़ विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष स्कूल बैग, स्कूल यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तकें, स्वेटर और जूते-मोजे निशुल्क वितरित किए जाते हैं। सरकार इन सब पर डेढ़ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करती है।

निशुल्क सामग्री बच्चों को समय पर नहीं मिलने के कारण कई बार विभाग की फजीहत हुई है। करोड़ों खर्च करने के बाद भी बच्चों को उसका समय पर फायदा नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने इसे लेकर अधिकारियों से नाराजगी जताई थी। हालांकि इस बार एक जुलाई से पहले 95 फीसदी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकें पहुंच गई हैं।

बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने निशुल्क सामग्री वितरण के लिए अलग से निकाय गठन का प्रस्ताव दिया है। इसमें संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी, लेखाधिकारी सहित अन्य कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। इन्हें केवल समय से निशुल्क सामग्री वितरण की जिम्मेदारी दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed