{"_id":"5ca163e5bdec22146f5159ea","slug":"barabanki-cyber-cell-charge-suspended","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बाराबंकी पुलिस का शर्मनाक चेहरा, विवेचना में वसूले 65 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाराबंकी पुलिस का शर्मनाक चेहरा, विवेचना में वसूले 65 लाख
Mon, 01 Apr 2019 06:35 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 01 Apr 2019 06:35 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी पुलिस का शर्मनाक चेहरा सामने आया है। जालसाजी के मामले में विवेचना के दौरान बाराबंकी की साइबर क्राइम सेल प्रभारी अनूप कुमार यादव ने 65 लाख की वसूली कर डाली। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पुलिस महानिदेशक के आदेश पर अनूप के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। रविवार देर रात उसे हिरासत में लेकर निलंबित कर दिया गया है।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि विश्वास ट्रेडिंग कंपनी के शंकर गायन ने दर्ज कराई प्राथमिकी में अनूप पर जांच के बहाने प्रताड़ित करने और 65 लाख की वसूली का आरोप लगाया।
उन्होंने पुलिस महानिदेशक से शिकायत की थी। मुकदमे की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। बताया गया कि कंपनी के निदेशकों ने वसूली का आरोप लगाने के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा रकम लिए जाने के कुछ फोटोग्राफ भी पुलिस महानिदेशक को सौंपे थे।
विज्ञापन
शिकायत के बाद डीजीपी ओपी सिंह ने एसटीएफ को जांच सौंपी थी। इस मामले में अन्य पुलिस कर्मियों की भूमिका की भी जांच हो रही है। इस कंपनी के लखनऊ के विभूतिखंड स्थित कार्यालय को भी बाराबंकी पुलिस ने सील किया था।
विज्ञापन
पुलिस महानिदेशक के आदेश पर अनूप के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। रविवार देर रात उसे हिरासत में लेकर निलंबित कर दिया गया है।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि विश्वास ट्रेडिंग कंपनी के शंकर गायन ने दर्ज कराई प्राथमिकी में अनूप पर जांच के बहाने प्रताड़ित करने और 65 लाख की वसूली का आरोप लगाया।
विज्ञापन
उन्होंने पुलिस महानिदेशक से शिकायत की थी। मुकदमे की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। बताया गया कि कंपनी के निदेशकों ने वसूली का आरोप लगाने के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा रकम लिए जाने के कुछ फोटोग्राफ भी पुलिस महानिदेशक को सौंपे थे।
विज्ञापन
शिकायत के बाद डीजीपी ओपी सिंह ने एसटीएफ को जांच सौंपी थी। इस मामले में अन्य पुलिस कर्मियों की भूमिका की भी जांच हो रही है। इस कंपनी के लखनऊ के विभूतिखंड स्थित कार्यालय को भी बाराबंकी पुलिस ने सील किया था।
पुलिस ने कार्रवाई के समय बताया था कि यह कंपनी मल्टीलेवल मार्केटिंग कर रही है इसने अकेले ही बीस करोड़ रुपये बाराबंकी के लोगों को धोखा देकर निवेश करवाएं है।
जालसाजी की विवेचना अब ईओडब्ल्यू लखनऊ को ट्रांसफर
जालसाजी के मुकदमे की विवेचना अब ईओडब्ल्यू लखनऊ की टीम को ट्रांसफर कर दी गई है। इस मामले में आगे की जांच ईओडब्ल्यू की टीम करेगी।
-डॉ. सतीश कुमार, एसपी
जालसाजी की विवेचना अब ईओडब्ल्यू लखनऊ को ट्रांसफर
जालसाजी के मुकदमे की विवेचना अब ईओडब्ल्यू लखनऊ की टीम को ट्रांसफर कर दी गई है। इस मामले में आगे की जांच ईओडब्ल्यू की टीम करेगी।
-डॉ. सतीश कुमार, एसपी