बैंककर्मियों ने ठगों को थमा दिया 125 करोड़ का ड्राफ्ट, खुलासा- एक करोड़ पर देते थे छह हजार का कमीशन
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एसटीएफ ने यूपी राज्य मार्ग प्राधिकरण (यूपीएसएचए) से धोखाधड़ी कर 125 करोड़ रुपये हड़पने की कोशिश करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने गिरोह के दो जालसाजों दिल्ली के अमरनाथ गुप्ता उर्फ अनिल गोयल और लखनऊ के गोसाईंगंज निवासी प्रभास चंद्र श्रीवास्तव को महानगर से गिरफ्तार किया है। इनके पास से दो मोबाइल, नकदी और एक ऑडी कार बरामद की गई। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
मामले की जांच करने वाले एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक सिंह के मुताबिक जालसाजों ने यूपीएसएचए व पीएनबी के कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत से 125 करोड़ रुपये का बैंक ड्राफ्ट हासिल कर भुगतान के लिए लगा दिया था।
इसके लिए यूपीएसएचए के वित्त नियंत्रक/सदस्य (वित्त) का फर्जी अथॉरिटी लेटर व आईडी (आधार व पैन कार्ड) बनाकर दिल्ली में पीएनबी में खाता खुलवाया गया। इसी खाते में भुगतान का प्रयास किया गया। पीएनबी धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन के सामने जब यह मामला पहुंचा तो महानगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। अपर मुख्य सचिव (गृह) ने मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह की टीम ने दोनों जालसाजों को महानगर के फातिमा अस्पताल के पास रेलवे क्रॉसिंग से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में जालसाजों ने कई राज उगले हैं।
जालसाजों ने कहा- कई संस्थाओं में कर चुके करोड़ों की हेराफेरी
गिरफ्तार जालसाजों ने पूछताछ में बताया कि वे इस तरह के संस्थाओं से करोड़ों रुपये की हेराफेरी कर चुके हैं। इसके बदले में बैंककर्मियों को हर एक करोड़ रुपये पर 6 से 7 हजार रुपये का कमीशन मिलता है। इसी लालच में पूर्व में भी चेक क्लोनिंग व एफडीआर का फर्जी खाता खुलवाकर भुगतान कराया जा चुका है।
जालसाजों के मोबाइल फोन की जांच में कई शासन के पत्र व रकम के बारे में जानकारी मिली। चैटिंग से पता चला कि फर्जीवाड़े से हासिल की गई धनराशि से जालसाजों ने बीएमडब्ल्यू और ऑडी कार खरीदी है।