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श्री रामजन्मभूमि में भक्तों को चरणामृत प्रसाद देने पर लगी रोक, कोरोना के चलते ट्रस्ट ने लिया निर्णय
Fri, 26 Mar 2021 08:24 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 26 Mar 2021 08:24 PM IST
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रामलला का सजा भव्य विग्रह
- फोटो : अमर उजाला
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रामजन्मभूमि में अब रामलला के भक्तों को चरणामृत प्रसाद नहीं मिल पाएगा। तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चरणामृत प्रसाद देने पर रोक लगा दी है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने रामजन्मभूमि के पुजारियों को भक्तों को चरणामृत प्रसाद नहीं देने को कहा है।
तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला के भक्तों को चरणामृत प्रसाद देने पर रोक लगा दी है। चरणामृत प्रसाद देने पर रोक लगाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए श्रीरामजन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि भक्तों को चरणामृत प्रसाद देने पर रोक लगाना अनुचित है। ट्रस्ट का कहना है कि खुले हाथ से चरणामृत प्रसाद भक्तों को देने में कोरोना संक्रमण के प्रसार का खतरा है। उन्होंने कहा कि एक दिन पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने चरणामृत सहित अन्य प्रसाद के वितरण पर भी रोक लगाने को कहा था, जिसके बाद प्रसाद देने पर भी रोक लगा दी गई थी। हमने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से इसको लेकर नाराजगी व्यक्त की थी।
इसके बाद शुक्रवार को महासचिव चंपत राय श्रीरामजन्मभूमि परिसर पहुंचे और पुजारियों से वार्ता के बाद खुले हाथ से भक्तों को चरणामृत प्रसाद देने पर रोक लगाने को कहा। उन्होंने भक्तों को प्रसाद के रूप में सूखा मेवा वितरित करने की अनुमति दे दी है।
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आचार्य सत्येंद्र दास का कहना है कि रामनगरी के अन्य मंदिरों में प्रसाद चढ़ाने पर रोक नहीं है। ऐसे में रामलला के भक्तों को क्यों इस पाबंदी से गुजरना पड़ रहा है, यह समझ के परे है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने कहा कि चूंकि कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसलिए रामलला के दरबार में अब भक्तों को चरणामृत प्रसाद देने पर अंशकालिक रोक लगा दी गई है। स्थित सामान्य होने पर व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।
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तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला के भक्तों को चरणामृत प्रसाद देने पर रोक लगा दी है। चरणामृत प्रसाद देने पर रोक लगाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए श्रीरामजन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि भक्तों को चरणामृत प्रसाद देने पर रोक लगाना अनुचित है। ट्रस्ट का कहना है कि खुले हाथ से चरणामृत प्रसाद भक्तों को देने में कोरोना संक्रमण के प्रसार का खतरा है। उन्होंने कहा कि एक दिन पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने चरणामृत सहित अन्य प्रसाद के वितरण पर भी रोक लगाने को कहा था, जिसके बाद प्रसाद देने पर भी रोक लगा दी गई थी। हमने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से इसको लेकर नाराजगी व्यक्त की थी।
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इसके बाद शुक्रवार को महासचिव चंपत राय श्रीरामजन्मभूमि परिसर पहुंचे और पुजारियों से वार्ता के बाद खुले हाथ से भक्तों को चरणामृत प्रसाद देने पर रोक लगाने को कहा। उन्होंने भक्तों को प्रसाद के रूप में सूखा मेवा वितरित करने की अनुमति दे दी है।
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आचार्य सत्येंद्र दास का कहना है कि रामनगरी के अन्य मंदिरों में प्रसाद चढ़ाने पर रोक नहीं है। ऐसे में रामलला के भक्तों को क्यों इस पाबंदी से गुजरना पड़ रहा है, यह समझ के परे है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने कहा कि चूंकि कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसलिए रामलला के दरबार में अब भक्तों को चरणामृत प्रसाद देने पर अंशकालिक रोक लगा दी गई है। स्थित सामान्य होने पर व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।