फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   bajaj group emerges as biggest defaulter in up

गन्ना भुगतान: सबसे बड़ा डिफॉल्टर बजाज ग्रुप

Tue, 12 Aug 2014 11:36 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 12 Aug 2014 11:36 AM IST
विज्ञापन
bajaj group emerges as biggest defaulter in up

शुगर कांप्लेक्स चलाने वाले बड़े चीनी मिल समूह गन्ना मूल्य भुगतान पर सरकार को ठेंगा दिखा रहे हैं।

विज्ञापन


उन पर मुख्यमंत्री और गन्ना आयुक्त की चेतावनी का भी असर नहीं हो रहा है।

प्रदेश में गन्ना मूल्य का सबसे बड़ा डिफॉल्टर सबसे बड़ा चीनी उत्पादक बजाज ग्रुप है। यह ग्रुप किसानों के 1526 करोड़ रुपये दबाए बैठा है।

95 चीनी मिलों ने की थी पेराई

bajaj group emerges as biggest defaulter in up

प्रदेश में निजी क्षेत्र के 95 चीनी मिलों ने गन्ना पेराई की थी। इनमें सर्वाधिक चीनी मिलें बजाज ग्रुप की हैं। कई यूनिटों वाले आधा दर्जन और चीनी मिल समूह हैं।

बाकी मिलों का स्वामित्व किसी एक के हाथ में हैं। बड़े चीनी मिल की शुगर मिलों के साथ ही डिस्टिलरी, इथनॉल प्लांट, पावर जनरेशन प्लांट और अन्य सहायक यूनिटें हैं।

सहायक यूनिटों से बड़ा मुनाफे कमाने वाले समूह ही भुगतान में रोड़े डाल रहे हैं। उन पर सरकार के निर्देशों का असर नहीं हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

दबाए बैठा है 1526 करोड़ का भुगतान

bajaj group emerges as biggest defaulter in up

गन्ना आयुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने बताया कि सर्वाधिक बकाया भी बजाज ग्रुप पर ही है। इस समूह ने गन्ना किसानों को 1526 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया गया है।

इसी प्रकार मवाना ग्रुप पर 566 करोड़, मोदी ग्रुप पर 417 करोड़, सिंभावली पर 273 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है।
उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के बड़े बकायादार चीनी मिल समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गन्ना आयुक्त ने बताया कि निजी क्षेत्र की सिंगल मालिकाना हक वाली अधिकांश चीनी मिलों से 90 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया गया है।

विज्ञापन

कुछ ने कर दिया है पूरा भुगतान

bajaj group emerges as biggest defaulter in up

निजी क्षेत्र की आईपीएल ग्रुप की पांच मिलों के अलावा परसेंडी एवं टोडरपुर चीनी मिल ने भी शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है।

चीनी निगम की एक मात्र मोहिउद्दीनपुर, मेरठ मिल तथा सहकारी क्षेत्र की बिजनौर जनपद की स्नेह रोड चीनी मिल भी शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य अदा कर चुकी हैं।

सहकारी क्षेत्र की 23 चीनी मिलों ने 88.36 प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान किया है।

5304 करोड़ गन्ना मूल्य बकाया, सुनवाई आज

bajaj group emerges as biggest defaulter in up

चीनी मिलों पर किसानों का 5304 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य अब भी बकाया है। इस पर देय ब्याज अलग है। हाईकोर्ट में मंगलवार को गन्ना मूल्य पर सुनवाई होनी है।

इधर भारतीय किसान यूनियन ने गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर गन्ना आयुक्त कार्यालय की तालाबंदी की घोषणा की है।

चीनी मिलों ने बीते पेराई सत्र में 19,388.05 करोड़ रुपये मूल्य का गन्ना खरीदा था। सोमवार तक किसानों को 14,083.53 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed