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बहराइच हिंसा: हाईकोर्ट में नहीं हो सकी आरोपियों के घर बुलडोजर चलने वाली याचिका पर सुनवाई, मिली नई डेट
Tue, 05 Nov 2024 06:23 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 05 Nov 2024 06:23 AM IST
सार
Bahraich violence: बहराइच के महाराजगंज में हिंसा के बाद आरोपियों के घरों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की नोटिस लगाई गई थी। अब यह मामला लखनऊ हाईकोर्ट में है।
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बहराइच हिंसा।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
बहराइच हिंसा से जुड़े मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार से मामले पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था। सोमवार को अधिवक्ताओं के विरोध के चलते सुनवाई दो दिन बाद होगी।
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बहराइच के महाराजगंज में हिंसा के बाद आरोपियों के घरों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की नोटिस लगाई गई थी। सरकार की कार्रवाई के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सरकार से कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था। सरकार ने मामले में अपना जवाब दाखिल कर दिया है।
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बहराइच के महराजगंज में 13 अक्तूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पथराव के बाद अराजकता फैल गई थी। हिंसा में एक व्यक्ति की हत्या हुई थी और कई घायल हुए थे। हिंसा के प्रमुख आरोपियों के घरों पर 18 अक्तूबर को अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की नोटिस चस्पा की गई थी। जिसका जवाब तीन दिन के अंदर देने का निर्देश दिया गया था।
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सरकार की कार्रवाई के खिलाफ सामाजिक संस्था ने रविवार को जनहित याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया कि नोटिस में मानकों के उल्लंघन का हवाला देकर कार्रवाई के लिए कहा गया है लेकिन नोटिस में मानकों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। साथ ही जवाब देने के लिए तीन दिन का ही समय दिया गया जो अपर्याप्त है। अदालत ने सरकार से नोटिस पर विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय ने बुलडोजर एक्शन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी थी। साथ ही नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का समय बढ़ा दिया था।