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Lucknow News: बाफिला गिरोह ने जमीन देने के नाम पर 97 लाख हड़पे
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बाफिला गिरोह ने जमीन देने के नाम पर 97 लाख हड़पे
लखनऊ। जमीन दिलाने के नाम पर बाफिला गिरोह ने सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी निजामपुर मल्हौर निवासी ओंकार सिंह से 97 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने गाजीपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पीड़ित के मुताबिक उन्होंने बहुजन निर्बल वर्ग सहकारी गृह निर्माण समिति लिमिटेड से मखदुमपुर में 27 जुलाई 2018 को प्लॉट खरीदा था। कई बार कहने के बाद भी समिति ने कब्जा नहीं दिया।
ओंकार सिंह के मुताबिक जनवरी 2024 में गोमती नगर विस्तार थाने में शिकायत की। इसकी जानकारी मिलने पर समता बफिला और विक्रम सिंह बाफिला ने उन्हें इंदिरा नगर के लेखराज मार्केट सि्थत अपने दफ्तर पर बुलाया। वहां दोनों ने छह माह में रकम या फिर जमीन पर कब्जा दिलाने का आश्वासन दिया। समझौता पत्र तैयार कर चेक थमा दिया। समझौते के अनुसार आरोपियों को छह किस्तों में राशि लौटानी थी। तय समय पर रकम नहीं मिली तो ओंकार सिंह दोबारा दफ्तर पहुंचे।
आरोप है कि उन्हें देखते ही आरोपियों ने गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने खुद छानबीन की तो मालूम चला कि प्रवीण सिंह बाफिला वर्तमान में समिति के अध्यक्ष पद पर नहीं है। 29 जनवरी 2023 को समिति के प्रबंध कमेटी सहित अध्यक्ष का कार्यकाल पांच वर्ष पूरा हो चुका है और प्रवीण सिंह सेवानिवृत हो चुके हैं। 30 जनवरी से समिति का संचालन प्रशासक सहकारिता विभाग के अधिकारी की ओर से किया जाता रहा। मार्च 2023 में निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सक्षम अधिकारियों ने समिति का निर्वाचन कराया, अध्यक्ष के रूप में अजय जायसवाल निर्वाचित हुए।
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आरोपियों के दिए चेक हो गए बाउंस
ओंकार सिंह का कहना है कि प्रवीण सिंह बाफिला, लखन सिंह बलयानी, समता बाफिला और विक्रम सिंह बाफिला ने कूट रचना करते हुए समझौता पत्र बनवाया था। तब प्रवीण ने खुद को समिति का अध्यक्ष बताया था। आरोपियों ने जो चेक दिए थे, वो बाउंस हो गए। बैंक से जानकारी हुई कि खाता सीज है और अकाउंट में महज 12,214 रुपये ही हैं। उनकी तहरीर पर प्रवीण सिंह बाफिला, लखन सिंह बलियानी, समता बाफिला और उसके पति विक्रम व रामवृक्ष यादव के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
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ओंकार सिंह के मुताबिक जनवरी 2024 में गोमती नगर विस्तार थाने में शिकायत की। इसकी जानकारी मिलने पर समता बफिला और विक्रम सिंह बाफिला ने उन्हें इंदिरा नगर के लेखराज मार्केट सि्थत अपने दफ्तर पर बुलाया। वहां दोनों ने छह माह में रकम या फिर जमीन पर कब्जा दिलाने का आश्वासन दिया। समझौता पत्र तैयार कर चेक थमा दिया। समझौते के अनुसार आरोपियों को छह किस्तों में राशि लौटानी थी। तय समय पर रकम नहीं मिली तो ओंकार सिंह दोबारा दफ्तर पहुंचे।
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आरोप है कि उन्हें देखते ही आरोपियों ने गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने खुद छानबीन की तो मालूम चला कि प्रवीण सिंह बाफिला वर्तमान में समिति के अध्यक्ष पद पर नहीं है। 29 जनवरी 2023 को समिति के प्रबंध कमेटी सहित अध्यक्ष का कार्यकाल पांच वर्ष पूरा हो चुका है और प्रवीण सिंह सेवानिवृत हो चुके हैं। 30 जनवरी से समिति का संचालन प्रशासक सहकारिता विभाग के अधिकारी की ओर से किया जाता रहा। मार्च 2023 में निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सक्षम अधिकारियों ने समिति का निर्वाचन कराया, अध्यक्ष के रूप में अजय जायसवाल निर्वाचित हुए।
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आरोपियों के दिए चेक हो गए बाउंस
ओंकार सिंह का कहना है कि प्रवीण सिंह बाफिला, लखन सिंह बलयानी, समता बाफिला और विक्रम सिंह बाफिला ने कूट रचना करते हुए समझौता पत्र बनवाया था। तब प्रवीण ने खुद को समिति का अध्यक्ष बताया था। आरोपियों ने जो चेक दिए थे, वो बाउंस हो गए। बैंक से जानकारी हुई कि खाता सीज है और अकाउंट में महज 12,214 रुपये ही हैं। उनकी तहरीर पर प्रवीण सिंह बाफिला, लखन सिंह बलियानी, समता बाफिला और उसके पति विक्रम व रामवृक्ष यादव के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।