बैडमिंटन चैंपियनशिप: भारतीय शटलरों ने दिखाया दम, पीवी सिंधू तीसरे खिताब से एक कदम दूर, लक्ष्य भी फाइनल में
Badminton Championship:प्रतियोगिता के पुरुष एकल में शीर्ष वरीय भारत के लक्ष्य सेन ने फाइनल में प्रवेश किया, जबकि दूसरी वरीयता प्राप्त प्रियांशु राजावत को अप्रत्याशित का सामना करना पड़ा।
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शीर्ष वरीय भारत की पीवी सिंधू ने हमवतन उन्नति हुड्डा को आसान मुकाबले में 21-12, 21-9 से हराते हुए सैयद मोदी इंडिया इंटरनेशनल एचएसबीसी वर्ल्ड टूर सुपर 300 बैडमिंटन चैंपियनशिप के महिला एकल फाइनल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ सिंधू प्रतियोगिता में अपने तीसरे खिताब महज एक कदम की दूरी पर पहुंच गई हैं। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2022 और 2017 में यह खिताब अपने नाम किया था। सैयद मोदी बैडमिंटन के महिला एकल में साइना नेहवाल ने सबसे अधिक तीन बार (वर्ष 2009, 2014 और 2015) खिताब जीते हैं।
प्रतियोगिता के पुरुष एकल में शीर्ष वरीय भारत के लक्ष्य सेन ने फाइनल में प्रवेश किया, जबकि दूसरी वरीयता प्राप्त प्रियांशु राजावत को अप्रत्याशित का सामना करना पड़ा। प्रतियोगिता में तनीषा क्रास्टो के लिए शनिवार का दिन मिलाजुला रहा। मिश्रित युगल में उन्होंने ध्रुव कपिला के साथ फाइनल में प्रवेश किया, जबकि महिला युगल में उनकी और अश्विनी पोनप्पा की शीर्ष वरीय जोड़ी हारकर बाहर हो गई। इसके अलावा पुरुष युगल में भारत के साई प्रतीक व पृथ्वी कृष्णामूर्ति के राय की जोड़ी और महिला युगल में दूसरी वरीय भारत की त्रिशा जॉली व गायत्री गोपीचंद पुलेला की जोड़ी भी फाइनल में पहुंच गई है। यूपी बैडमिंटन अकादमी में खेली जा रही सैयद मोदी बैडमिंटन के इतिहास में यह पहला मौका है, जब भारतीय शटलरों ने सभी पांच वर्गों के फाइनल मुकाबले में प्रवेश किया है।
चैंपियन की तरह खेले सिंधू और लक्ष्य
प्रतियोगिता के महिला एकल सेमीफाइनल में पीवी सिंधू का सामना उन्नति हुड्डा से हुआ। पहला गेम 21-12 से जीतने के बाद सिंधू ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कोर्ट को बेहतर ढंग से कवर करते हुए दमदार स्मैश जमाए और दूसरा गेम 21-9 से जीतते हुए फाइनल में प्रवेश किया। महिला एकल के दूसरे सेमीफाइनल में चीन की लियू यू ने थाईलैंड की एल चाईवान को 21-19, 21-12 पराजित किया। प्रतियोगिता के पुरुष एकल सेमीफाइनल में शीर्ष वरीय लक्ष्य सेन का सामना जापान के शोगो ओगावा से हुआ। यह मुकाबला भी एकतरफा रहा, जिसमें लक्ष्य ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए 21-8, 21-14 से जीत दर्ज करते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया। पुरुष एकल के दूसरे सेमीफाइनल में प्रियांशु राजावत की भिड़ंत सिंगापुर के चौथी वरीय जिया हेंग जेसन तेह से हुई। मुकाबले की शुरुआत से ही प्रियांशु ने कई गलतियां की, जिसका खामियाजा उन्हें आसान हार के रूप में चुकाना पड़ा। जिया हंग ने यह मुकाबला 21-13, 21-19 से हराते हुए फाइनल में जगह बनाई।
पिछड़ने के बाद त्रिशा और गायत्री ने बनाई खिताबी मुकाबले में जगह
प्रतियोगिता के महिला युगल में दूसरी वरीय भारत की त्रिशा जॉली व गायत्री गोपीचंद पुलेला ने एक घंटा तीन मिनट चले मुकाबले में तीसरी वरीय थाईलैंड की बेन्यापा एम्सार्ड व नुंटाकर्ण एम्सार्ड को 18-21, 21-18, 21-10 से हराया। पहला गेम गंवाने के बाद त्रिशा और गायत्री की जोड़ी ने कमाल की वापसी की और फाइनल मे जगह बनाई। दूसरे सेमीफाइनल में पिछले संस्करण की उपविजेता शीर्ष वरीय भारत की अश्विनी पोनप्पा व तनीषा क्रैस्टो को तीन गेम तक चले मैच में हार मिली। उन्हें चीन के बाओ ली जिंग व ली कियान ने 14-21, 21-16, 21-13 से हराया।
तनीषा क्रास्टो- ध्रुव कपिला और साई प्रतीक व पृथ्वी कृष्णामूर्ति फाइनल में
प्रतियोगिता के मिश्रित युगल सेमीफाइनल में पांचवीं वरीय भारत के ध्रुव कपिला व तनीषा क्रैस्टो ने चीन के चौथी वरीय झोऊ जी होंग व जिया यी को 21-16, 21-15 से हराया। ध्रुव व तनीषा के सामने अब छठीं वरीय थाईलैंड के डी.पुवारानुक्रोह व सुपिसारा पेवसम्प्रान होंगे। उधर, पुरुष युगल में भारत के साई प्रतीक व पृथ्वी कृष्णामूर्ति के.राय ने भारत के ही इशान भटनागर व शंकर प्रसाद उदयकुमार को 21-17, 17-21, 21-16 से हराया। साई प्रतीक व प्रथ्वी की अब फाइनल में चीन के हुआंग डी व लियू यांग से टक्कर होगी।