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डकैत बबली के आतंक की कहानी, शॉर्प शूटर से सात लाख के ईनामी डाकू तक
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 24 Aug 2017 07:19 PM IST
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बबली कोल
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चित्रकूट के पुलिस ऑपरेशन में बचकर भागा इनामी डकैत बबली कोल पूरे इलाके में आतंक का पर्याय है।
डाकू बलखड़िया के खात्मे के बाद चर्चा में आए बबली कोल ने पांच साल में चित्रकूट के जंगलों में अपने आतंक लोहा मनवा लिया।
बलखड़िया के मारे जाने के बाद करीब 15 डकैतों के समूह का वह सरदार बन गया। बलखड़िया गैंग में वह शॉर्प शूटर था।
उसके आतंक का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुखबिरी की सूचना पर उसने डोडा गांव के किसान को गोलियों से छलनी कर दिया था।
इलाके में उसके आतंक को देखते हुए सरकार ने जल्द से जल्द पकड़ने के लिए उस पर एक साल के अंदर सात लाख तक का इनाम रख दिया।
गांव वालों में दहशत फैलाने के लिए वह लगातार उन पर जुल्म ढाता रहता है। यही वजह है कि इतना इनाम होने के बाद भी कोई उसके खिलाफ नहीं जाता।
30 जून को किडनैप किए गए तीन आदमी ( एमपी के नयागांव थाना निवासी मुन्ना यादव, रामप्रसाद और पथरापाल देव के इंद्रपाल यादव ) को जिंदा जलाकर हड़कंप मचा दिया था।
गांव के लोगों में इस हद तक दहशत है कि उन्होंने अपने मोबाइल तक तोड़ दिए हैं, ताकि उन पर जासूसी का आरोप न लग सके और पुलिस सर्विलांस के जरिए उन्हें परेशान न करे।
पिछले कुछ महीनों से पुलिस इलाके की काम्बिंग कर रही थी। पुलिस का मानना है कि बारिश के दौरान डकैत जंगल से गांव की तरफ आते हैं। बारिश के बाद घने होते जंगल इनके छिपने का मुफीद इलाका होता है। तब इन्हें तलाशना बहुत मुश्किल हो जाता है।
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आज सुबह इनकी मुठभेड़ पूरे गैंग से हो गई। जिसमें बबली कोल तो बच कर निकल गया, लेकिन साथी लवलेश कोल मारा गया। (इनपुट सोशल साइट्स)
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डाकू बलखड़िया के खात्मे के बाद चर्चा में आए बबली कोल ने पांच साल में चित्रकूट के जंगलों में अपने आतंक लोहा मनवा लिया।
बलखड़िया के मारे जाने के बाद करीब 15 डकैतों के समूह का वह सरदार बन गया। बलखड़िया गैंग में वह शॉर्प शूटर था।
उसके आतंक का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुखबिरी की सूचना पर उसने डोडा गांव के किसान को गोलियों से छलनी कर दिया था।
इलाके में उसके आतंक को देखते हुए सरकार ने जल्द से जल्द पकड़ने के लिए उस पर एक साल के अंदर सात लाख तक का इनाम रख दिया।
गांव वालों में दहशत फैलाने के लिए वह लगातार उन पर जुल्म ढाता रहता है। यही वजह है कि इतना इनाम होने के बाद भी कोई उसके खिलाफ नहीं जाता।
30 जून को किडनैप किए गए तीन आदमी ( एमपी के नयागांव थाना निवासी मुन्ना यादव, रामप्रसाद और पथरापाल देव के इंद्रपाल यादव ) को जिंदा जलाकर हड़कंप मचा दिया था।
गांव के लोगों में इस हद तक दहशत है कि उन्होंने अपने मोबाइल तक तोड़ दिए हैं, ताकि उन पर जासूसी का आरोप न लग सके और पुलिस सर्विलांस के जरिए उन्हें परेशान न करे।
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पिछले कुछ महीनों से पुलिस इलाके की काम्बिंग कर रही थी। पुलिस का मानना है कि बारिश के दौरान डकैत जंगल से गांव की तरफ आते हैं। बारिश के बाद घने होते जंगल इनके छिपने का मुफीद इलाका होता है। तब इन्हें तलाशना बहुत मुश्किल हो जाता है।
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आज सुबह इनकी मुठभेड़ पूरे गैंग से हो गई। जिसमें बबली कोल तो बच कर निकल गया, लेकिन साथी लवलेश कोल मारा गया। (इनपुट सोशल साइट्स)