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मैं जानता हूं, कुछ भी करा सकती है कांग्रेस: आजम

Wed, 16 Apr 2014 04:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 16 Apr 2014 04:52 PM IST
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azam khan wrote letter to mulayam singh yadav

‘अभी मुझ पर जुबांबंदी का ताला है, लेकिन मेरी रगों में दौड़ने वाले लहू, सोचने-समझने की सलाहियत और चलने-फिरने के मेरे अधिकार पर किसी का पहरा नहीं है। मैं जानता हूं कांग्रेस कुछ भी करा सकती है।

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साथ ही फासिस्ट ताकतें मेरी बर्बादी के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं, लेकिन मैं एक बार फिर आश्वस्त करना चाहता हूं कि मेरी आवाज के अलावा मेरे वजूद की जहां, जब और जितनी भी आवश्यकता होगी, मैं दिन-रात आपके लिए और आपकी विचारधारा के लिए समर्पित हूं।
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मेरी आवाज जरूर रोक दी गई है, पर मेरे शरीर में इतना लहू बाकी है जो आखिरी कतरे तक यही लिखती रहेंगी कि नफरतों से नफरतें नहीं मिटाई जा सकतीं।

आग के लिए पानी, जख्म के लिए मरहम और नफरतों के लिए मुहब्बत की जरूरत है।’

खत में साफ झलक रहा है पाबंदी का दर्द

azam khan wrote letter to mulayam singh yadav

सपा के फायर ब्रांड नेता व संसदीय कार्यमंत्री मो. आजम खां के मंगलवार को अपने नेता मुलायम सिंह यादव को लिखे इस खत में निर्वाचन आयोग की ओर से सभाएं व रैलियां करने पर पाबंदी लगाने का दर्द पत्र के हर वाक्य से झलकता है।

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आजम ने लिखा हैं, ‘सीबीआई के बाद निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस हुकूमत के फायदे और नुकसान को सामने रखकर हमारी जुबान बंद कर दी है।

संवैधानिक संस्थाएं भी अगर कमजोरों का दर्द बयान करने से रोक देंगी तो इसके नतीजे अच्छे नहीं होंगे।

आज मेरी जुबांबंदी की गई है, कल किसी और की की जाएगी। वह दिन दूर नहीं जब कमजोर की वकालत करने वाली कोई जुबान बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।’

उन्होंने पत्र में एक शेर भी लिखा है - यह दस्तूर-ए-जुबांबंदी है कैसा तेरी महफिल में, यहां तो बात करने को तरसती है जुबां मेरी।

'मोहब्बत' के इस खत में कांग्रेस-भाजपा के लिए 'जहर' भी

azam khan wrote letter to mulayam singh yadav

मुलायम को भेजे पत्र में आजम ने लिखा,‘यह सब आपसे इसलिए कह रहा हूं कि आप ही देश को बदनसीबी और बर्बादी के रास्ते पर जाने से रोक सकते हैं।

आप पर लोग भरोसा कर सकते हैं और करते हैं। हमारी तो जुबांबंदी कर दी गई है, न हम आह कर सकते हैं, न अपना दर्द बयां कर सकते हैं।’

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पत्र में उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर जमकर भड़ास निकाली है।
कांग्रेस पर आपातकाल, 84 के सिख दंगे और बाबरी मस्जिद के मामले को लेकर तो भाजपा पर खास तौर से गुजरात दंगों को लेकर।

कहा कि गुजरात के विकास का ढोंग ऐसा ही है जैसा दुनिया के सामने हिटलर ने अपने आपको सबसे बड़ा हुक्मरान साबित करने की की थी।

खां के खिलाफ दर्ज हैं ये मुकदमे

azam khan wrote letter to mulayam singh yadav

गलत बयानबयाजी करने के आरोप में आजम खां पर प्रदेश में प्रचार अभियान नहीं करने के चुनाव आयोग के आदेश के बाद मुकदमा भी दर्ज हो गया है।

- रामपुर कोतवाली में सहायक रिटर्निंग ऑफिसर ने आईपीसी की धारा 153(ए), 153(बी), 295(ए), 505(2), 188, 189, 504 और 171(बी) तथा 125 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया।

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- शामली के थाना भवन में उड़नदस्ता प्रभारी शशांक कुमार ने आईपीसी की धारा 153(ए), 153(बी), 295(ए), 505(2), 171(बी) तथा 125 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया।

- गाजियाबाद के थाना मसूरी में उप जिला मजिस्ट्रेट कुणाल सिंकू ने आईपीसी की धारा 153(ए), 153(बी), 295(ए), 505(2), 188

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