'देश का पहला आतंकी संगठन है आरएसएस'
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उत्तर प्रदेश के कबीना मंत्री मो. आजम खां ने शनिवार को बरेली में कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) देश के पहला आतंकवादी संगठन है। हत्या वह भी बापू की? ऐसा करने वाला देश का पहला आतंकवादी था। नाथूराम गोडसे संघ से ही संबंधित था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीयत साफ है तो वह संघ को प्रतिबंधित करें।
मो. आजम खां शनिवार शाम को बरेली में एक निजी अस्पताल में भरती उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष खलीज अतहर अशरफी को देखने पहुंचे थे और सर्किट हाउस में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश में प्रेसीडेंसियल सिस्टम लागू करना चाहते हैं और संविधान बदलना चाहते हैं।
इस समय संघ और प्रधानमंत्री मोदी के बीच इंकलाब चल रहा है। दिखावे के लिए इस्तीफे की पेशकश की चर्चा सामने आई है। असल में ऐसा कुछ नहीं है। होता तो धर्मपरिवर्तन के मुद्दे पर जो बयानबाजी हुई है, उस पर वह चुप नहीं रहते।
संसद के किसी एक सदन में भी तो बोलते। वो दिल नहीं देश तोड़ने की बात करते हैं। संघ प्रमुख द्वारा धर्मांतरण पर कानून बनाने के बयान पर उन्होंने कहा कि कानून संविधान से छोटा होता है। संविधान के दायरे में ही कानून बनते हैं जबकि संघ तो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।
आजम को मंत्री पद से हटाने के लिए पीआईएल
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री पर तंज कसने और अपने मंत्रियों काबू में रखने के लिए कहे जाने के प्रकरण पर आजम खां बोले कि राज्यपाल के काम करने के तरीके और उनके बयानों पर राष्ट्रपति को संज्ञान लेना चाहिए। कोई भी राज्यपाल हो, अगर वह संविधान के मर्यादा के अनुरूप काम न करे तो राष्ट्रपति को उसे बर्खास्त कर देना चाहिए।
सूबे के कैबिनेट मंत्री आजम खां को मंत्री पद से बर्खास्त करने की गुजारिश वाली एक पीआईएल शनिवार को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ की रजिस्ट्री में दायर की गई है। इस पर 23 दिसंबर को सुनवाई संभावित है। यह पीआईएल स्थानीय वकील अशोक पांडेय ने दायर की है।
याची के मुताबिक इसमें आरोप है कि आजम खां ने राज्यपाल जैसे संवैधानिक प्राधिकारी के खिलाफ खुला असम्मान प्रकट किया, लिहाजा उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए। याची ने अपनी याचिका में इस आशय का निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। याचिका में आजम समेत अन्य को पक्षकार बनाया गया है।