मॉब लिंचिंग पर बोले आजम खान, मुसलमान गाय का दूध बेचना बंद कर दें
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पूर्व मंत्री आजम खां ने कहा कि देश आजादी के बाद के सबसे खराब दौर गुजर रहा है। देश में इस समय जो हालात हैं उसमें मुसलमानों के लिए गाय का दूध बेचना और गाय खरीदने-बेचने का कारोबार करना सुरक्षित नहीं रह गया है। ऐसे में मुसलमानों के लिए यही बेहतर होगा कि वह गाय का दूध बेचने का कारोबार भी छोड़ दें। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह उलमा, मुस्लिम बुद्धिजीवियों और पर्सनल लॉ बोर्ड से भी अपील करेंगे।
आजम खां मंगलवार को रामपुर में सपा कार्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पीएम, सीएम, मंत्री, सांसद और विधायक जैसे कानून के रखवाले ऐसी भाषा बोल रहे हैं जो एक सभ्य समाज लिए ठीक नहीं है।
आजम खां ने गोरक्षा के नाम पर भीड़ द्वारा की जा रही हत्याओं के लिए भाजपा को तो जिम्मेदार ठहराया ही साथ ही दूसरे राजनीतिक दलों पर भी सवाल खड़े किए। जो वोट तो दलितों और मुसलमानों का चाहते हैं, लेकिन मॉब लिंचिंग (भीड़ की हिंसा) की घटनाओं पर मौन धारण किए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को मुसलमानों का वोट चाहिए, लेकिन मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर उनकी जुबान पर ताले लगे हुए हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि यह सब कुछ वोट की राजनीति के लिए किया जा रहा है।
'जान लेने से बेहतर है उनसे वोट लेने का अधिकार छीन लें'
आजम बोले, मुसलमानों की जान लेने से बेहतर है कि उनसे वोट देने का अधिकार ही छीन लिया जाए। वोट की कीमत जान से अधिक नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर गाय हिंदुओं के लिए पूजनीय है तो हम भी एहतराम (कद्र) करते हैं। मुसलमानों से अपील करते हैं कि वह गाय का दूध बेचने और उसके खरीद-फरोख्त का कारोबार नहीं करें। अपने कारोबार में तब्दीली करें। रोजी-रोटी कमाने के लिए कई काम किए जा सकते हैं।
केंद्र सरकार भी साधा निशाना
आजम खां ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। कहा कि किसी के भी बैंक खाते में 20 लाख रुपये नहीं आए। प्रति वर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा झूठा साबित हुआ, करोड़ों खर्च होने के बाद भी गंगा साफ नहीं हुई।
आजम बोले कि वो कहते हैं कि मंदिर वहीं बनाएंगे... तो बनाइए ना किसने रोका है। नोटबंदी और जीएसटी से देश बर्बाद हो गया है। 1947 में जिन लोगों ने हिंदुस्तान को अपना वतन माना था, आज उनको दोयम दर्जे का नागरिक समझा जा रहा है।