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जल निगम भर्ती घोटाले में बढ़ेंगी आजम खां की मुश्किलें, एसआईटी तेज करेगी जांच
Thu, 22 Aug 2019 08:27 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 22 Aug 2019 08:27 AM IST
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फाइल फोटो
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सपा सांसद एवं पूर्व नगर विकास मंत्री आजम खां की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं। जल निगम में हुई भर्ती प्रक्रिया में धांधली की जांच में एसआईटी तेजी लाने जा रही है।
एसआईटी का लक्ष्य अगले महीने के मध्य तक जांच पूरी करने का है। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी को इंतजार अप्टेक के उन कंप्यूटरों की फॉरेंसिक रिपोर्ट का है, जिसे जांच के लिए हैदराबाद भेजा गया था।
यह रिपोर्ट आजम की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। एसआईटी के अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि अगले एक सप्ताह में हैदराबाद से फॉरेंसिक रिपोर्ट मिल जाएगी और फिर जांच में तेजी लाई जाएगी।
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इस मामले में पूर्व नगर विकास मंत्री के अलावा नगर विकास सचिव रहे एसपी सिंह से एसआईटी लंबी पूछताछ कर चुकी है। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने इस मामले में अधिकतर सुबूत इकट्ठा कर रखे हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
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एसआईटी का लक्ष्य अगले महीने के मध्य तक जांच पूरी करने का है। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी को इंतजार अप्टेक के उन कंप्यूटरों की फॉरेंसिक रिपोर्ट का है, जिसे जांच के लिए हैदराबाद भेजा गया था।
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यह रिपोर्ट आजम की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। एसआईटी के अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि अगले एक सप्ताह में हैदराबाद से फॉरेंसिक रिपोर्ट मिल जाएगी और फिर जांच में तेजी लाई जाएगी।
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इस मामले में पूर्व नगर विकास मंत्री के अलावा नगर विकास सचिव रहे एसपी सिंह से एसआईटी लंबी पूछताछ कर चुकी है। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने इस मामले में अधिकतर सुबूत इकट्ठा कर रखे हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
मालूम हो कि सपा के शासनकाल में 2016 के अंत में हुई जल निगम में 1300 पदों पर वैकेंसी निकली थी। इसमें 122 सहायक अभियंता, 853 अवर अभियंता, 335 नैतिक लिपिक और 32 आशुलिपिक की भर्ती हुई थी।
जल निगम विभाग के ही कुछ अधिकारियों ने इस संबंध में धांधली की शिकायत की थी जिसके बाद जांच शुरू हुई। सरकार इस मामले में 122 सहायक अभियंताओं को पहले ही बर्खास्त कर चुकी है।
बाद में यह जांच सरकार ने एसआईटी को सौंप दी थी। एसआईटी ने इस मामले में आजम खां समेत डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की थी जिसमें पूर्व नगर विकास सचिव एसपी सिंह भी शामिल थे। एसपी सिंह ने हाल ही में भाजपा का दामन थामा है।
जल निगम विभाग के ही कुछ अधिकारियों ने इस संबंध में धांधली की शिकायत की थी जिसके बाद जांच शुरू हुई। सरकार इस मामले में 122 सहायक अभियंताओं को पहले ही बर्खास्त कर चुकी है।
बाद में यह जांच सरकार ने एसआईटी को सौंप दी थी। एसआईटी ने इस मामले में आजम खां समेत डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की थी जिसमें पूर्व नगर विकास सचिव एसपी सिंह भी शामिल थे। एसपी सिंह ने हाल ही में भाजपा का दामन थामा है।