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राजा भैया की शरण में पहुंचे आजम
मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Sun, 06 Oct 2013 10:35 PM IST
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जश्ने जौहर का निमंत्रण देने के बहाने प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री आजम खां ने पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से मुजफ्फरनगर कांड में मदद मांगी।
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शुक्रवार रात आजम खां अचानक राजा भैया के कैंट स्थित निवास पर पहुंचे।
पहले तो उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय रामपुर में आयोजित जश्ने जौहर में आने का न्योता दिया। फिर कहा कि खेड़ा (मेरठ) में पंचायत को लेकर हुए उपद्रव के बाद ठाकुरों में सरकार के प्रति गुस्सा है।
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विरोधी दल हालात का फायदा उठाकर सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। आजम ने कहा कि स्थिति को संभालने के लिए न केवल उनके सहयोग की आवश्यकता है, बल्कि वहां जाना भी पड़ सकता है।
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सूत्रों के मुताबिक राजा भैया आजम की बातों को सुनते रहे, कोई जवाब नहीं दिया। खेड़ा जाने के मसले पर भी कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया। सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई।
सीओ हत्याकांड के बाद राजा भैया और आजम खां के बीच थोड़ी खटास आ गई थी। राजा भैया के समर्थक तो यहां तक कहते रहे कि आजम खां के इशारों पर राजा भैया को फंसाया जा रहा है। पर इस मुलाकात के बाद दोनों के बीच बर्फ पिघली है।
राजा भैया के एक समर्थक विधायक का कहना था कि राजा भैया किस हैसियत में खेड़ा जाकर बात कर सकते हैं, वह सरकार में तो कुछ हैं ही नहीं।
मुजफ्फरनगर कांड के सिलसिले में दो ठाकुर विधायकों की गिरफ्तारी के बाद मेरठ के राजपूत बहुल खेड़ा गांव में पंचायत बुलाई गई थी। पर पंचायत पर रोक के बावजूद जुटे हजारों लोगों पर पुलिस के बल प्रयोग और तमाम लोगों पर मुकदमे दर्ज होने से सरकार के प्रति ठाकुरों का गुस्सा बढ़ गया।
शुक्रवार को राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह के खेड़ा जाने के बाद लग रहा है कि यह गुस्सा मेरठ की सीमा लांघ कर राजनीतिक स्वरूप ले सकता है। इसी के बाद पूर्व मंत्री राजा भैया को फिर से पाले में खींचने की कवायद प्रारंभ हुई है।