{"_id":"68d2bda02afa4128fc0af950","slug":"azam-khan-even-after-his-release-from-jail-his-problems-will-remain-unresolved-jauhar-university-under-inv-2025-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजम खां: जेल से आने पर भी मुश्किलें नहीं होंगी कम, ईडी और आयकर विभाग की जांच के दायरे में जौहर विवि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजम खां: जेल से आने पर भी मुश्किलें नहीं होंगी कम, ईडी और आयकर विभाग की जांच के दायरे में जौहर विवि
Tue, 23 Sep 2025 09:02 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 23 Sep 2025 09:02 PM IST
सार
Azam Khan: आजम खां 23 महीने बाद सीतापुर जेल से बाहर आ गए हैं। जेल से बाहर आने के बाद भी उनकी मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन
आजम खां
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्व मंत्री एवं सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां की जमानत के बाद भी उनकी मुश्किलों के कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। दरअसल, आजम के खिलाफ आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच जारी है, जिसमें उनके खिलाफ कार्रवाई होनी बाकी है। खासकर आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट मौलान अली जौहर विश्वविद्यालय को ईडी द्वारा जब्त किया जाना है। हालांकि अभी तक जौहर विश्वविद्यालय पर ईडी का चाबुक नहीं चल सका है।
विज्ञापन
बता दें कि आयकर विभाग ने दो वर्ष पूर्व आजम खां के यूपी समेत देश भर 30 से ज्यादा ठिकानों पर छापा मारा था, जिसमें जौहर विश्वविद्यालय का निर्माण कराने वाली जौहर ट्रस्ट के तमाम पदाधिकारियों के ठिकाने भी शामिल थे। जांच के बाद आयकर विभाग ने जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में करीब 350 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का पता लगाया था। जांच में सामने आया था कि विश्वविद्यालय के निर्माण में अवैध रूप से यह रकम खर्च की गई, जिसका स्रोत ट्रस्ट नहीं बता सका था। आयकर विभाग ने इसके बाद जौहर ट्रस्ट से जुर्माने और ब्याज सहित 550 करोड़ रुपये वसूलने की कवायद भी शुरू की थी। वहीं ईडी ने भी जौहर विश्वविद्यालय के साथ आजम खां, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम की चल-अचल संपत्तियों की भी जांच की है।
विज्ञापन
नेता, ठेकेदार, आर्किटेक्ट भी फंसे
आयकर जांच में जौहर विवि को अपनी निधि देने वाले तमाम सांसद, विधायक, कार्यदायी संस्थाओं जल निगम, पीडब्ल्यूडी और ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी, ठेकेदार और आर्किटेक्ट भी फंसे थे। साथ ही गोमतीनगर (लखनऊ) के विवेक खंड निवासी आर्किटेक्ट अहमद हारुन, निसार अहमद, समरीन अहमद, इंदिरानगर निवासी सीमा नदीम, डालीबाग निवासी आफाक अहमद भी जांच के दायरे में आए थे।
विज्ञापन