नर्म पड़े आजम, बोले जुबां बंदी का दौर
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कभी चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की धमकी देने वाले आजम खां के तेवर अब नर्म पड़ रहे हैं। उन्होने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'यह जुबां बंदी का दौर है।'
खां ने यह बात हज कुर्रा में शनिवार को मीडिया से बातचीत में कही। उन्होंने कहा, ‘कुछ बोलना नहीं चाहता, क्योंकि इस वक्त क्रिमिनल व सांप्रदायिक ताकतों की चल रही है। इससे सेक्युलर ताकतों का काफी नुकसान हुआ है।’
वहीं दो लोगों पर चुनाव आयोग की कार्रवाई के सवाल पर आजम ने कहा कि दूसरे साहब जो क्रिमिनल हैं, उनसे मेरी तुलना न की जाए।
मेरी साथ नाइंसाफी हुई है। उन्होंने सोशल मीडिया में चल रहे प्रचार को लेकर भी अफसोस जताया।
माफी के लिए नहीं कहा
चुनाव आयोग के रूख से आजम खां निराश जरूर दिखे लेकिन उन्होने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह आयोग से माफी मागेंगे या नहीं।
गौरतलब है कि आजम ने आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की भी धमकी दी थी वहीं उनके साथ ही प्रतिबंध का सामना करने वाले आमित शाह को आयोग ने माफी मांग लेने के कारण राहत प्रदान की थी।
आजम ने कारगिल युद्घ पर विवादास्पद बयान दिया था, जिसके बाद प्रदेश भर से उस पर प्रतिक्रिया आने लगी थीं।
आजम के बयान पर कारगिल युद्घ में शहीद हुए सैनिकों के परिवार के लोगों उनके बयान पर निराशा जाहिर की थी।
कारगिल युद्घ के बारे में था बयान
आजम खां ने बयान दिया था कि भारत की कारगिल जीत मुस्लिम सैनिकों की बहादुरी के कारण संभव हो पाई थी।
जिस पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने आजम पर चुनावी सभा और रैलियां करने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
आजम खां के साथ अमित शाह की भी गिरफ्तारी हुई थी लेकिन आयोग ने शाह को राहत देते हुए उन पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है।
उन पर 11 अप्रैल को रैली और रोड शो करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।