आजम खां के हमलों से सीट छोड़ भागे कांग्रेसी
संसदीय कार्य मंत्री मो. आजम खां ने बुधवार को विधानसभा में कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि 60 साल तक केंद्र में काबिज रहे तब यमुना की याद क्यों नहीं आई? क्यों सफाई नहीं कराई?
ये (भाजपा) तो अभी आठ-नौ महीने पहले ही आए हैं। यमुना की सफाई में राज्य सरकार की सीधे कोई भूमिका नहीं है। सिर्फ गंगा के बारे में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करके कहा है कि इसके लिए बड़े धन की आवश्यकता है और 17-18 साल का वक्त लगेगा।
आजम ने कहा कि नदियों को साफ रखना हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं। जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस के सदस्यों ने बहिर्गमन किया। दिलचस्प यह रहा कि सभी सदस्य सदन से चले गए लेकिन अनुग्रह नारायण सिंह बैठे रहे।
आरोपों को भी बताया निराधार
कांग्रेस के प्रदीप माथुर, रालोद के दलवीर सिंह व पूरन प्रकाश ने प्रदूषण का मामला काम रोको प्रस्ताव के जरिये उठाया। माथुर ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने यमुना की सफाई के लिए कोई बजट आवंटन नहीं किया।
नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों के एसटीपी प्लांट बंद हैं। मथुरा के संत रमेश बाबा यमुना को प्रदूषणमुक्त कराने के लिए हजारों लोगों के साथ दिल्ली तक पदयात्रा पर निकले हैं।
दलवीर सिंह, पूरन प्रकाश व तेज पाल सिंह ने भी आस्था से जुड़ा मामला बताते हुए यमुना को प्रदूषणमुक्त करने, हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ने की मांग उठाई।
आजम ने एसटीपी बंद होने संबंधी माथुर के आरोपों को गलत बताया।