अमर की एंट्री, मुलायम के मंच से हटे 'आजम'!
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शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव चौथी बार स्थगित किए जाने से नाराज चल रहे आजम खां को यह उम्मीद नहीं रही होगी कि अमर सिंह की वापसी भी इसी वक्त हो जाएगी।
सपा सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट देश के सबसे बड़े जनेश्वर मिश्र पार्क के उद्घाटन के मौके पर भी आजम की नाराजगी जारी रही, तो सपा सुप्रीमो और सीएम अखिलेश के तेवर भी सख्त हो गए।
चार साल बाद अमर-प्रेम की दोबारा शुरुआत से खुश मुलायम परिवार ने मंच से आजम का नाम तक हटवा दिया।
आजम के नाम की तख्ती को हटाकर वहां सपा सरकार के दूसरे मंत्री को जगह दे दी गई। शिवपाल और अखिलेश के बीच बैठे अमर सिंह ने परिवार में अपनी पैठ का अंदाजा एक बार फिर करवा दिया है।
अमर ने भी शुरू की मुलायम वंदना
सपा से ही राज्यसभा पहुंचे सांसद अमर सिंह का कार्यकाल खत्म होने को आया, तो उन्होंने एक बार फिर मुलायम वंदना शुरू कर दी है।
कभी निर्बाध गति से सपा सुप्रीमो की लानत-मलामत करने वाले अमर सिंह ने बीते लोकसभा चुनाव के दौरान रालोद का दामन थामकर ही मुलायम वंदना शुरू कर दी थी।
उन्हें शायद इस बात का अंदाजा था कि मोदी लहर में उनकी जीत निश्चित नहीं है, सांसद के तमगे के लिए मुलायम का साथ ही जरूरी होगा।
शायद यही वजह है कि उन्होंने मुलायम की वंदना जारी रखी और आखिरकार सपा सरकार के साथ मंच पर जगह बनाने में कामयाब भी हो गए। जानकारों की मानें तो अमर-आजम का पुराना बैर फिर सतह पर आ सकता है।
आजम ने सीएम को किया था नाराज!
जिस कार्यक्रम की रूपरेखा खुद अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. आजम खां
ने बनाई थी, उसमें ही वे नहीं पहुंचे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनका इंतजार
ही करते रह गए।
करीब पौने दो घंटे के इंतजार के बाद मुख्यमंत्री ने
आजम की गैरमौजूदगी में ही कार्यक्रम शुरू करवाया। यह कार्यक्रम उर्दू
एकेडमी के पुरस्कार वितरण समारोह का था।
माना जा रहा है कि शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव टाले जाने के फैसले से नाराजगी के चलते वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।
फिर भी अखिलेश ने की गुजारिश
सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर लेखकों व शायरों को उनकी किताबों के लिए पुरस्कृत करने का कार्यक्रम था।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे तो आजम खां को इसकी अध्यक्षता करनी थी। सुबह 11 बजे कार्यक्रम शुरू होना था।
पुरस्कार
पाने वाले शायर व लेखक दस बजे ही पहुंच गए थे। सभी अतिथियों के आने की
सूचना मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दी गई। लेकिन उन्होंने कहा कि आजम खां को
आ जाने दें, उसके बाद कार्यक्रम शुरू करवाएं।