फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ayodhya: Ramlala is not getting the sandalwood studded tilak, the priest is unhappy with the new arrangement,

अयोध्या:रामलला को चंदन का नहीं, लग रहा है रत्नजड़ित टीका, पुजारी इस व्यवस्था से नाखुश, ट्रस्ट ने साधी चुप्पी

Mon, 01 Jul 2024 06:52 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, अयोध्या
अमर उजाला संवाद, अयोध्या Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 01 Jul 2024 06:52 AM IST
सार

अयोध्या में रामलला को चंदन का नहीं बल्कि रत्नजडि़त चंदन का तिलक लगाया जा रहा है। इस नई व्यवस्था से वहां के पुजारी नाखुश हैं। 
 

विज्ञापन
Ayodhya: Ramlala is not getting the sandalwood studded tilak, the priest is unhappy with the new arrangement,
राम मंदिर अयोध्या - फोटो : X-ShriRamTeerth

विस्तार

राममंदिर में विराजमान बालक राम की सेवा रामानंदीय पद्धति से पूरे वैभव के साथ की जा रही है। रामलला का श्रृंगार रोजाना सोने-चांदी से जड़ित आभूषणों से किया जाता है। इसी क्रम में रामलला के माथे पर रत्नजडि़त चंदन का तिलक लगाया जा रहा है। यह तिलक अलग से बनवाया गया है, रोजाना इसे रामलला के माथे पर लगाया जाता है। हालांकि इस व्यवस्था से पुजारी खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि चंदन घिसकर माथे पर तिलक लगाने की परंपरा ज्यादा उचित है।

विज्ञापन


राममंदिर के एक पुजारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला के माथे पर रोजाना चंदन घिसकर फिर तिलक किया जाता था। इसमें केसर आदि भी मिला होता था। इससे रामलला का मुखमुंडल खिल उठता था, लेकिन अब रामलला के माथे पर रत्नजड़ित चंदन लगाया जाता है। हालांकि उत्सव मूर्ति के रूप में विराजमान रामलला समेेत चारों भाईयों को चंदन घिसकर ही तिलक लगाया जाता है। इसके पीछे का कारण पुजारी ने स्पष्ट नहीं किया लेकिन इतना जरूर कहा कि चंदन घिसकर रामलला के माथे पर तिलक लगाने से रोका गया है।
विज्ञापन


पुजारी का कहना है कि चंदन का तिलक लगाने से चंदन माथे पर फैलकर रामलला की आंखों तक आ जाता है। साथ ही यह चंदन उनके माथे पर अच्छा भी नहीं लग रहा है। इसलिए रत्नजड़ित चंदन ही लगाने को कहा गया है। पुजारी ने कहा कि पूजा-पाठ में किसी को भी हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। रामानंदीय पूजन परंपरा में चंदन-तिलक का खास महत्व होता है। चंदन भगवान की पूजा-श्रृंगार का मुख्य हिस्सा भी है। उधर इसको लेकर ट्रस्ट ने कुछ भी कहने से इंकार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


20 पुजारियों का प्रशिक्षण पूरा
राममंदिर में प्रशिक्षित पुजारियों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए पिछले छह माह से 20 पुजारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा था। इन सभी पुजारियों को रामलला की सेवा-पूजा में शामिल कर उन्हें पूजन की आचार संहिता समझाने का काम रामलला के मुख्य अर्चक कर रहे थे। अब इनका प्रशिक्षण पूरा हो गया है। इन्हें एक-दो दिन में प्रमाण पत्र देकर राममंदिर की पूजा में लगाया जाएगा। राममंदिर परिसर में बनने वाले अन्य मंदिरों की पूजा के लिए इन्हीं में से पुजारी नियुक्त किए जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed