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अयोध्या फैसला: हर जिले में बनाई जाएंगी अस्थायी जेल, इंटरनेट सेवा भी हो सकती है बंद
Fri, 08 Nov 2019 03:38 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 08 Nov 2019 03:38 PM IST
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अयोध्या में सुरक्षा कड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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अयोध्या से संबंधित फैसले के मद्देनजर तैयारियां जारी हैं। इसके तहत हर जिले में अस्थायी जेल बनाए जाएंगे। जिलों में चुनाव के मौके पर किए जाने वाले सुरक्षा इंतजाम की तर्ज पर अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांट कर फोर्स की तैनाती और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मद्देनजर प्रदेश में पहले से ही संवेदनशीलता बढ़ी हुई है, ऊपर से राज्य व केंद्र की खुफिया एजेंसियों ने हर हालात से निपटने के लिए समय रहते जरूरी बंदोबस्त किए जाने की ताकीद की हुई है। इसी के बाद अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी व पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने भी दिनों अयोध्या में आयोजित हुए दीपोत्सव पर्व की तैयारियों की समीक्षा के लिए पहुंच कर वहां आगे की तैयारियों का आकलन किया था।
केंद्रीय खुफिया एजेंसी के उच्च अधिकारी भी अयोध्या के अलावा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम का जायजा लेने पहुंचे थे। राज्य व केंद्र की खुफिया एजेंसियों की टीमों ने इन सभी धार्मिक स्थलों पर डेरा डाला हुआ है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। हालांकि इस बार सुरक्षा इंतजाम 2010 में किए गए सुरक्षा प्रबंधों पर ही आधारित किए गए हैं पर अतिरिक्त एहतियात बरतते हुए इस मामले में राज्य स्तर पर वही तैयारी की जा रही है जो चुनावों के दौरान की जाती है।
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इसके तहत सभी जिलों में अस्थायी जेलों के निर्धारण को कहा गया है। अयोध्या व आस-पास के जिलों में ऐसी अस्थायी जेलों की संख्या अधिक रखी जा रही है। जिलों में स्कूलों आदि को इसके लिए चुना गया है। इसी के तहत यह भी तय किया गया है कि अयोध्या समेत अन्य सभी जिलों को जोन व सेक्टर में बांटा जाए और इन सभी में राजपत्रित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की जाए।
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सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मद्देनजर प्रदेश में पहले से ही संवेदनशीलता बढ़ी हुई है, ऊपर से राज्य व केंद्र की खुफिया एजेंसियों ने हर हालात से निपटने के लिए समय रहते जरूरी बंदोबस्त किए जाने की ताकीद की हुई है। इसी के बाद अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी व पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने भी दिनों अयोध्या में आयोजित हुए दीपोत्सव पर्व की तैयारियों की समीक्षा के लिए पहुंच कर वहां आगे की तैयारियों का आकलन किया था।
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केंद्रीय खुफिया एजेंसी के उच्च अधिकारी भी अयोध्या के अलावा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम का जायजा लेने पहुंचे थे। राज्य व केंद्र की खुफिया एजेंसियों की टीमों ने इन सभी धार्मिक स्थलों पर डेरा डाला हुआ है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। हालांकि इस बार सुरक्षा इंतजाम 2010 में किए गए सुरक्षा प्रबंधों पर ही आधारित किए गए हैं पर अतिरिक्त एहतियात बरतते हुए इस मामले में राज्य स्तर पर वही तैयारी की जा रही है जो चुनावों के दौरान की जाती है।
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इसके तहत सभी जिलों में अस्थायी जेलों के निर्धारण को कहा गया है। अयोध्या व आस-पास के जिलों में ऐसी अस्थायी जेलों की संख्या अधिक रखी जा रही है। जिलों में स्कूलों आदि को इसके लिए चुना गया है। इसी के तहत यह भी तय किया गया है कि अयोध्या समेत अन्य सभी जिलों को जोन व सेक्टर में बांटा जाए और इन सभी में राजपत्रित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की जाए।
हर जिले में जोन व सेक्टर वार फोर्स की तैनाती की जाएगी। सभी जिलों में कुछ फोर्स रिजर्व में भी रखी जाएगी ताकि आपात दशा में उसका इस्तेमाल किया जा सके। जिलों में फोर्स की तैनाती व अन्य इंतजाम को लेकर गृह विभाग व पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम से नजर रखी जा रही है। सभी तैयारियों की रिपोर्ट जिलों के अधिकारियों के जरिए उच्च अफसरों को भेजी जा रही है।
हालांकि केंद्र से अयोध्या मामले की तैयारी के सिलसिले में 150 से 200 कंपनी अर्द्ध सैनिक बल देने का आग्रह किया गया था पर राज्य को इसके सापेक्ष कुल 40 कंपनी बल ही हासिल हुआ है।
फिलहाल जो व्यवस्था तय की गई है उसके लिहाज से अयोध्या व आस-पास कम से कम 50 कंपनी सुरक्षा बल की तैनाती की जाएगी। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में सुरक्षा बल की 70 कंपनी तैनात की जाएगी। अफसरों के मुताबिक उनके पास 228 कंपनी बल है जिसमें से 150 से कुछ अधिक बल को ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा जबकि शेष को रिजर्व में रखा जाएगा।
इंटरनेट सेवा रोकने के लिए जिलाधिकारी लेंगे फैसला
हालात को देखते हुए अगर सूचना व संचार माध्यम पर अंकुश लगाने की जरूरत महसूस हुई तो जिलाधिकारियों को इंटरनेट सेवाओं को जरूरत के मुताबिक एक तय अवधि तक रोकने के लिए अधिकृत किया गया है। हालांकि जिलाधिकारियों के पास यह अधिकार पहले से है पर कोई असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो इस वजह से उन्हें इस संदर्भ में फिर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।
हालांकि केंद्र से अयोध्या मामले की तैयारी के सिलसिले में 150 से 200 कंपनी अर्द्ध सैनिक बल देने का आग्रह किया गया था पर राज्य को इसके सापेक्ष कुल 40 कंपनी बल ही हासिल हुआ है।
फिलहाल जो व्यवस्था तय की गई है उसके लिहाज से अयोध्या व आस-पास कम से कम 50 कंपनी सुरक्षा बल की तैनाती की जाएगी। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में सुरक्षा बल की 70 कंपनी तैनात की जाएगी। अफसरों के मुताबिक उनके पास 228 कंपनी बल है जिसमें से 150 से कुछ अधिक बल को ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा जबकि शेष को रिजर्व में रखा जाएगा।
इंटरनेट सेवा रोकने के लिए जिलाधिकारी लेंगे फैसला
हालात को देखते हुए अगर सूचना व संचार माध्यम पर अंकुश लगाने की जरूरत महसूस हुई तो जिलाधिकारियों को इंटरनेट सेवाओं को जरूरत के मुताबिक एक तय अवधि तक रोकने के लिए अधिकृत किया गया है। हालांकि जिलाधिकारियों के पास यह अधिकार पहले से है पर कोई असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो इस वजह से उन्हें इस संदर्भ में फिर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।