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यूपी: गो-वंशों की मौत पर सीएम सख्त, नौ अफसर सस्पेंड, दो डीएम से जवाब तलब

Mon, 15 Jul 2019 12:41 AM IST
Abhishek Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Abhishek Singh Updated Mon, 15 Jul 2019 12:41 AM IST
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Ayodhya and Mirzapur officer suspend in Lucknow UP
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : Social Media

कई जिलों में गोआश्रय स्थलों में गोवंश की मौत पर रविवार को मुख्यमंत्री ने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने अयोध्या के कांजी हाउस प्रभारी, गोशाला प्रभारी, अयोध्या जिले के ही मिल्कीपुर के बीडीओ और उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और मिर्जापुर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, नगर पालिका के प्रभारी अधिशासी अधिकारी और नगर अभियंता समेत नौ अधिकारियों को निलंबित कर दिया।

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इसी के साथ अयोध्या और मिर्जापुर के जिलाधिकारियों समेत कई अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रयागराज और विंध्याचल धाम के मंडलायुक्तों को गोवंश की मृत्यु के सभी पहलुओं की जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लापरवाही, देखरेख और चारे के अभाव में गोवंश की मौत होने पर गोवध अधिनियम और पशु क्रूरता में कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कई जिलों में गोवंश की मौत के संबंध में अमर उजाला में प्रकाशित खबर का गंभीर संज्ञान लिया। उन्होंने सवेरे मुजफ्फरनगर रवाना होने से पहले अधिकारियों को सभी जिलों में बातचीत कर गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने शाम को सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियोकांफ्रेंसिंग में कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने बारिश के दौरान कई जिलों में गो आश्रय स्थलों में हो रही मौतों और पशुओं के बीमार होने की खबर पर नाराजगी जताई।
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उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान ही उन्होंने अयोध्या के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) मिल्कीपुर और उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। उन्होंने मिर्जापुर नगर पालिका के ईओ मुकेश कुमार, नगर अभियंता रामजी उपाध्याय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) डॉ. एके सिंह को निलंबित करने को कहा।

मिर्जापुर और अयोध्या के डीएम और अयोध्या सीवीओ और नगर आयुक्त को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अयोध्या नगर निगम के कांजी हाउस प्रभारी डॉ. उपेंद्र कुमार और गोशाला प्रभारी विजेंद्र को भी सस्पेंड कर दिया। मुख्यमंत्री ने अयोध्या, प्रयागराज और मिर्जापुर के मंडलायुक्तों को निर्देश दिया कि अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ  कार्रवाई करें।

सीएम योगी ने अयोध्या, रायबरेली, हरदोई, बाराबंकी, लखनऊ, प्रयागराज जिले के अधिकारियों से बात करते हुए कहा कि जब निराश्रित गोवंशो के लिए सरकार ने प्राथमिकता तय कर दी थी फिर ऐसी सूचनाएं क्यों आ रही है । उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश समाज के लिए ज्वलंत समस्या है। इससे कानून-व्यवस्था के सामने भी संकट खड़ा होता है। उन्होंने कहा, यह खेदजनक स्थिति है कि अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे। वे तत्काल गौशालाओं का भ्रमण करें। उनको चिन्हित करें जो दूध निकालने के बाद गोवंश छोड़ देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की ओर से भरण पोषण राशि की कोई कमी नहीं है।

दो दिन में निरीक्षण कर जिम्मेदारी तय करें डीएम

मुख्यमंत्री ने कहा, आश्रय स्थल के लिए पर्याप्त धन अवमुक्त किया जा रहा है तो फिर देखरेख में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो मौतें हुई हैं उसके लिए कौन जिम्मेदार है। डीएम खुद विजिट करें और दो  दिन के अंदर  निरीक्षण और सुरक्षा मानकों को पूरा करें। यह सुनिश्चित करें कि बीमार पशुओं की  टीकाकरण कार्रवाई निश्चित रूप से हो।

बारिश होने पर पशुओं को अस्थाई आश्रय स्थलों से शिफ्ट करने की व्यवस्था करें। चारे और पानी का पूरा इंतजाम रखें। चारा चिकित्सा और शेड की व्यवस्था किसी हाल में बेहतर रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि कैटेगरी के अनुसार बीमार उम्र दराज कम उम्रए नर और मादा पशुओं को अलग-अलग रखने की व्यवस्था करें। चारे और पानी की पूरी व्यवस्था हो। जो गोवंश निराश्रित प्रमाणित हो उसे रखने वाले किसानों या अन्य लोगों को प्रतिमाह सुनिश्चित राशि देने की व्यवस्था करें।


साफ सफाई की व्यवस्था हो ।आश्रय स्थल पर कीचड़ ना जमा हो। पशु चिकित्सा अधिकारी भी निरंतर नियमित देखभाल करें। निर्माण और चारा खरीद में अनियमितता ना हो। कार्य क्वालिटी के साथ समयबद्ध ढंग से हो। पशुओं को सिर्फ भूसा नहीं उसके साथ यथासंभव हरा चारा और चोकर भी उपलब्ध कराया जाए। कई बार वीसी कर चुका हूं। अब जवाबदेही तय होगी। अगली वीसी में और कड़ी कार्रवाई के लिए मजबूर न करें। दूध निकाल कर सड़क पर छोड़ने वाले पशुपालकों पर भी जुर्माना और कार्रवाई करें।

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