बड़े घर वालों को अब छोड़नी होगी दो पहिया की भी पार्किंग
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राजधानी में बड़े घर की चाह रखने वालों को अब दो पहिया की पार्किंग के लिए भी जगह छोड़नी होगी। इसके बिना नक्शा पास नहीं होगा। आवास विभाग ने बिल्डिंग बाइलॉज में बदलाव कर शासनादेश जारी कर दिया है।
यह फैसला लखनऊ विकास प्राधिकरण के 200 वर्गमीटर या इससे ज्यादा के भूखंड़ों पर लागू होगा। वहीं कॉर्नर के 100 वर्गमी तक के कॉमर्शियल भूखंड में सैटबेक की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।
एलडीए के नियोजन विभाग के मुताबिक नए संशोधन लागू कर दिए गए हैं। बिल्डिंग बाइलॉज में नए संशोधन को लागू कर दिया गया है। शासनादेश के अनुसार 200 वर्गमीटर या इससे अधिक के आवासीय भवनों में दो पहिया पार्किंग का विकल्प तीन तरीके से हो सकता है। इसके लिए खुले में 30 वर्गमीटर, कवर्ड में 35 और बेसमेंट में 40 वर्गमीटर की जगह रिजर्व रहेगी।
...तो एलडीए बनाएगा छोटी पार्किंग
अगर आवासीय भवन 200 वर्गमीटर से कम है और दो पहिया पार्किंग की जरूरत नहीं है या इसका निर्माण अव्यवहारिक है तो वहां डीएम सर्किल रेट के बराबर एलडीए में फीस जमा करके निर्माण की अनुमति ली जा सकती है। जरूरी होने पर एलडीए क्षेत्र में एक छोटी कॉमन पार्किंग का निर्माण कराएगा।
शासन से इन बदलाव के लिए नोटिफिकेशन हो चुका है। इसे शहर में लागू किया जा रहा है। दो पहिया के लिए भी पार्किंग को नक्शा के साथ प्राधिकरण से पास कराना होगा।- जेएन रेड्डी, मुख्य नगर नियोजक, एलडीए