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Lucknow News: एआई के इस्तेमाल में प्रामाणिकता व नैतिकता जरूरी
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लखनऊ। भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान की ओर से महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के दूसरे दिन शुक्रवार को महिला शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और लखनऊ के विज्ञान के क्षेत्र की महिला पत्रकारों ने हिस्सा लिया।
महिला पत्रकारों के पैनल में शामिल डॉ. स्वाति शर्मा, डॉ. हीना तबस्सुम, रत्ना श्रीवास्तव, गोधूलि शर्मा, अपर्णा शुक्ला और मोइत्रेयी मोहंती ने विज्ञान के क्षेत्र में जिम्मेदारी भरी रिपोर्टिंग की आवश्यकता पर चर्चा की। कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) संचार और पत्रकारिता के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लेकर आया है, लेकिन इन उपकरणों का उपयोग स्थायी रूप से, जिम्मेदारी और नैतिकता से किया जाना चाहिए।
बायोटेक डेस्क की संस्थापक डॉ. श्रद्धा गोयनका, डॉ. ब्रुंडा गनेरू, एनएबीएल और एफएसएसएआई की अनुजा आनंद, रत्ना श्रीवास्तव, इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलियरी साइंसेज की डॉ. सावनीत कौर व डॉ. एम हसन आरिफ, डॉ. आंचल शर्मा, डॉ. शेफाली यादव और डॉ. नेहा चौरसिया ने भी विचार रखे। संचालन डॉ. केसी खुल्बे, डॉ. सीडी मोहन और डॉ. नीरज सतीजा ने किया।
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महिला पत्रकारों के पैनल में शामिल डॉ. स्वाति शर्मा, डॉ. हीना तबस्सुम, रत्ना श्रीवास्तव, गोधूलि शर्मा, अपर्णा शुक्ला और मोइत्रेयी मोहंती ने विज्ञान के क्षेत्र में जिम्मेदारी भरी रिपोर्टिंग की आवश्यकता पर चर्चा की। कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) संचार और पत्रकारिता के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लेकर आया है, लेकिन इन उपकरणों का उपयोग स्थायी रूप से, जिम्मेदारी और नैतिकता से किया जाना चाहिए।
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बायोटेक डेस्क की संस्थापक डॉ. श्रद्धा गोयनका, डॉ. ब्रुंडा गनेरू, एनएबीएल और एफएसएसएआई की अनुजा आनंद, रत्ना श्रीवास्तव, इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलियरी साइंसेज की डॉ. सावनीत कौर व डॉ. एम हसन आरिफ, डॉ. आंचल शर्मा, डॉ. शेफाली यादव और डॉ. नेहा चौरसिया ने भी विचार रखे। संचालन डॉ. केसी खुल्बे, डॉ. सीडी मोहन और डॉ. नीरज सतीजा ने किया।
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