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मरीज को मेरे अस्पताल ले आओ, मोटा पैसा मिलेगा
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लोहिया संस्थान की सख्ती के बावजूद इमरजेंसी से रेफर होने वाले मरीजों की शिफ्टिंग के लिए निजी अस्पताल के दलाल फोन से सेटिंग करने में लगे हैं। शनिवार शाम एक एंबुलेंस चालक व निजी अस्पताल के एजेंट की बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ। एंबुलेंस चालक को एजेंट अच्छा पैसा देने की बात कहकर मरीज को अपने अस्पताल में छोड़ने को कह रहा है। संस्थान प्रशासन का कहना है कि अभी तक जितने भी दलालों के नाम सामने आए हैं, सभी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र भेजा जाएगा।
अयोध्या निवासी महिला मरीज को लेकर एंबुलेंस चालक लोहिया संस्थान आया, यहां बेड खाली न होने की बात कहकर केजीएमयू रेफर कर दिया गया। इस बीच एंबुलेंस चालक राजू को मिले एक निजी अस्पताल के एजेंट के नंबर पर कॉल की पूरा मामला बताया। निजी अस्पताल के एजेंट व एंबुलेंस चालक के बीच बातचीत हुई। इसमें एंबुलेंस चालक दूसरे अस्पताल में मरीज छोड़ने पर करीब तीस हजार रुपये मिलने की बात कह रहा था। निजी अस्पताल के एजेंट दुर्गेश ने अच्छा पैसा देने की बात कहते हुए सुषमा अस्पताल में मरीज को छोड़ने की बात कही। इस बातचीत का वायरल ऑडियो संस्थान प्रशासन के पास मामले की जांच के आदेश दे दिए।
वहीं, एजेंट दुर्गेश ने आरोप को बेबुनियाद बताया है। उसने सफाई दी कि वह लोहिया संस्थान से कोई भी मरीज नहीं ले जाता है। वायरल हुए ऑडियो में उसकी आवाज नहीं है। संस्थान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह के मुताबिक, मिली रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के तौर पर पुलिस को सौंपे जाने के साथ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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हमारे अस्पताल में कोई भी मरीज सरकारी संस्थानों से नहीं लाया जाता है। हमारे यहां दुर्गेश नाम का कोई भी कर्मचारी तैनात नहीं है।
- डॉ. सार्थक वर्मा, संचालक सुषमा अस्पताल
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अयोध्या निवासी महिला मरीज को लेकर एंबुलेंस चालक लोहिया संस्थान आया, यहां बेड खाली न होने की बात कहकर केजीएमयू रेफर कर दिया गया। इस बीच एंबुलेंस चालक राजू को मिले एक निजी अस्पताल के एजेंट के नंबर पर कॉल की पूरा मामला बताया। निजी अस्पताल के एजेंट व एंबुलेंस चालक के बीच बातचीत हुई। इसमें एंबुलेंस चालक दूसरे अस्पताल में मरीज छोड़ने पर करीब तीस हजार रुपये मिलने की बात कह रहा था। निजी अस्पताल के एजेंट दुर्गेश ने अच्छा पैसा देने की बात कहते हुए सुषमा अस्पताल में मरीज को छोड़ने की बात कही। इस बातचीत का वायरल ऑडियो संस्थान प्रशासन के पास मामले की जांच के आदेश दे दिए।
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वहीं, एजेंट दुर्गेश ने आरोप को बेबुनियाद बताया है। उसने सफाई दी कि वह लोहिया संस्थान से कोई भी मरीज नहीं ले जाता है। वायरल हुए ऑडियो में उसकी आवाज नहीं है। संस्थान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह के मुताबिक, मिली रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के तौर पर पुलिस को सौंपे जाने के साथ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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हमारे अस्पताल में कोई भी मरीज सरकारी संस्थानों से नहीं लाया जाता है। हमारे यहां दुर्गेश नाम का कोई भी कर्मचारी तैनात नहीं है।
- डॉ. सार्थक वर्मा, संचालक सुषमा अस्पताल