फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Auctions of modi chair

जिस कुर्सी पर बैठे मोदी उसकी लग गई बोली

Mon, 25 Nov 2013 11:00 PM IST
टीम डिजिटल/आगरा
टीम डिजिटल/आगरा Updated Mon, 25 Nov 2013 11:00 PM IST
विज्ञापन
Auctions of modi chair

कोठी मीना बाजार मैदान में 21 नवंबर को हुई विजय शंखनाद रैली में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी जिस कुर्सी पर बैठे वह बेशकीमती हो गई।

विज्ञापन


‘हॉट केक’ बनी इस कुर्सी के लिए पार्टी के कार्यकर्ता इस कदर दीवाने हैं कि इसको हासिल करने लिए कोई भी कीमत देने को तैयार हैं।

कुर्सी पाने की दौड़ में आम कार्यकर्ता से लेकर विधायक और सांसद भी शामिल हैं। कुर्सी की बोली 1.25 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

रैली के दौरान मंच पर नरेंद्र मोदी, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह सहित चंद बड़े नेताओं के बैठने की व्यवस्था थी।

पढ़ें-मोदी के सपने के लिए गांव-गांव घूम रहे भाजपाई
विज्ञापन


मंच के बीच में नरेंद्र मोदी के लिए कुर्सी रखी गई थी। अब इस कुर्सी को पाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं में होड़ मच गई है।

उनका मानना है कि देश के भावी प्रधानमंत्री जिस कुर्सी पर बैठ चुके हैं, यदि वह उनके घर होगी तो यह सौभाग्य की बात है।

एक कार्यकर्ता ने मंच की व्यवस्था करने वाले पार्टी के पार्षद और टेंट हाउस के मालिक प्रमोद उपाध्याय से दो हजार में कुर्सी खरीदने की मांग रखी थी।

इसके बाद तो हर कोई कुर्सी पाने की जुगाड़ में लग गया। दो हजार से शुरू हुई बोली अब सवा लाख तक पहुंच गई है।

विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने 1.11 लाख रुपये की बोली लगाई है तो सांसद राम शंकर कठेरिया 1.21 लाख में खरीदने को तैयार हैं।

विधायक जगन गर्ग ने 1.25 लाख रुपये तक बोली लगा दी है। प्रमोद उपाध्याय का कहना है कि पार्टी के कई छोटे-बड़े नेता फोन कर कुर्सी को खरीदने की पेशकश कर चुके हैं, लेकिन वह इस कुर्सी को किसी भी कीमत पर नहीं बेचेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंच पर ही शुरू हो गई थी बोली

रैली खत्म होते ही नरेंद्र मोदी की कुर्सी को पाने के लिए जुगत शुरू हो गई थी। एक भाजपा कार्यकर्ता ने टेंट मालिक प्रमोद उपाध्याय को गुमराह कर कुर्सी पाने की कोशिश की थी।

कार्यकर्ता ने कहा था कि उसकी माली हालत ठीक नहीं है। घर में कुर्सी नहीं है। यदि वह दे देंगे तो घर में कुर्सियां हो जाएंगी।

प्रमोद उपाध्याय ने इनकार किया तो उसने सिर्फ एक कुर्सी की डिमांड कर दी। उसके इरादों को वहां खड़े कुछ लोग भांप गए और उन्होंने भी कुर्सी खरीदने की कोशिश शुरू कर दी।

लखनऊ की अन्य खबरों के लिए क्लिक करें यहां

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed