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Lucknow News: एनीमिया पर वार, मिलकर करेंगे हीमोग्लोबिन 12 के पार

Thu, 25 Sep 2025 05:26 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Sep 2025 05:26 AM IST
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Attack on anemia, together we will raise hemoglobin beyond 12
एनिमिया पर नियंत्रण के लिए हुआ कार्यक्रम।
लखनऊ। प्रदेश में 46 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। यह ऐसी स्थिति है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बनती है। इस समस्या से पार पाने के लिए बुधवार को स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग व केजीएमयू के प्रमुख व विशेषज्ञ एक होटल में एकत्र हुए।
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मंथन के बाद इस नतीजे पर पहुंचे कि महिला शिक्षक, महिला प्रधान, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नेतृत्व क्षमता बढ़ाकर समुदाय में एनीमिया के प्रति महिलाओं को सजग किया जाए। शपथ ली गई कि सभी मिलकर महिलाओं के हीमोग्लोबिन स्तर को 12 ग्राम/डेसीलीटर से अधिक पर ले जाएंगे।
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केजीएमयू व सेंटर आफ एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के संयुक्त प्रयास से आयोजित संगोष्ठी में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित घोष ने कार्यक्रम में मौजूद महिला शिक्षकों, प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि सभी को उन महिलाओं तक पहुंचना है, जो स्वास्थ्य केंद्रों तक नहीं पहुंच पाती हैं। महिला व बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त गाइडलाइंस के अनुसार हर बच्चे को छह माह में सात बार संपर्क कर हालचाल जानने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि इस मुद्दे को और जटिल बनाने वाला तथ्य यह है कि केवल 22.3% गर्भवती महिलाएं कम से कम 100 दिनों के लिए आईएफए की खुराक लेती हैं। वहीं केवल 9.7% ही अनुशंसित 180 दिनों तक इसका सेवन कर पाती हैं। ये आंकड़े राष्ट्रीय औसत से काफी कम हैं, इसमें प्रदेश में सुधार की जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि बच्चों (66.4%) और प्रजनन आयु की महिलाओं (50.6%) सहित अन्य कमजोर आबादी में एनीमिया की उच्च दर से समस्या और बढ़ जाती है। क्वीन मैरी अस्पताल की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल, आईसीडीएस विभाग की उपनिदेशक अनुपमा सानडिल्य ने मातृ एवं शिशु पोषण में पिता की भागीदारी बढ़ाने व किशोरियों का एनीमिया टेस्ट करने की बात कही। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की संयुक्त निदेशक डॉ. शालू गुप्ता ने आईएफए सप्लाई व रियल टाइम मानिटरिंग को सुदृढ़ करने की बात कही।
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