पुलिस की टेरेरिस्ट थ्योरी हुई टाय-टाय फिस्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तेलंगाना के नलगोंडा में मारे गए सिमी आतंकियों के लखनऊ कनेक्शन की थ्योरी की लगातार हवा निकल रही है। आतंकियों के पास से बरामद मोबाइल और सिम कार्ड से भी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
दूसरी तरफ एमपी एटीएस ने भी लखनऊ में हुए एटीएम लूट कांड के समय खंडवा से भागे इन सिमी आतंकियों के लखनऊ या प्रदेश के आसपास किसी जिले में होने की पुष्टि नहीं की है।
राजधानी के डालीगंज इलाके में 27 फरवरी को दिन में मोटर साइकिल सवार बदमाशों द्वारा तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर 50.50 लाख रुपये लूट लिए थे।
खंडवा से भागे सिमी आतंकियों में से दो के तेलंगाना के नलगोंडा में मारे जाने के बाद वहां की पुलिस ने आतंकियों के लखनऊ कनेक्शन का शक जताया था। कहा था कि लखनऊ का एटीएम कांड इन आतंकियों द्वारा किया गया हो सकता है।
अब डीजीपी एके जैन ने इसकी औपचारिक पुष्टि कर दी। उन्होंने कहा कि सिमी आतंकियों की मोडस आपरेंडी पर तेलंगाना पुलिस ने यह कयास लगा लिया था, जबकि इसका भी कोई आधार नहीं था।
डीजीपी ने कहा कि उन्होंने मध्य प्रदेश के आईजी एटीएस संजीव समी से बात की थी। आईजी एटीएस ने उन्हें बताया था कि जिस दौरान लखनऊ एटीएम लूट हुई, सिमी आतंकियों की लोकेशन यूपी में नहीं थी।
तेलंगाना से वापस लौटेगी लखनऊ पुलिस
डीजीपी ने यह भी बताया कि तेलंगाना के नलगोंडा जिले में हुई मुठभेड़ में मारे गए दोनों आतंकियों के पास से मोबाइल फोन बरामद हुए थे। तेलंगाना पुलिस ने उनके मोबाइल की कॉल डिटेल हासिल की है, उसमें भी इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि एटीएम लूटकांड के दिन सिमी आतंकियों की लोकेशन लखनऊ अथवा यूपी में कहीं नहीं थी।
उधर, कार्यवाहक आईजी कानून-व्यवस्था दीपक रतन ने बुधवार को एनेक्सी के मीडिया सेंटर में कहा कि नलगोंडा गई लखनऊ पुलिस की टीम वापस लौट रही है। इस टीम ने वहां सिमी आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किए गए असलहों के बारे में जानकारीे की है और उन असलहों से इसका मिलान किया जाएगा, जो लखनऊ एटीएम कांड में इस्तेमाल किए गए।
एसएसपी यशस्वी यादव को हटाने की हुई मांग
मुठभेड़ में मारे गए सिमी आतंकियों का लखनऊ कनेक्शन बताने वाले नलगोंडा के तत्कालीन एसपी प्रभाकर को तेलंगाना सरकार हटा चुकी है। अब यूपी की राजधानी लखनऊ के एसएसपी यशस्वी यादव को इसी मुद्दे पर हटाए जाने की मांग हुई है।
एसएसपी लखनऊ यशस्वी यादव को हटाने की मांग सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने प्रमुख सचिव गृह से की है। उन्होंने कहा है कि यशस्वी यादव ने हाल में तेलंगाना के नलगोंडा में कथित सिमी आतंकियों के मारे जाने की सूचना के बाद से जिस प्रकार लखनऊ में घटी अत्यंत संवेदनशील एटीएम कांड को उससे जोड़ कर आनन-फानन में उसे फर्जी ढंग से खोलने की कोशिश की, वह निंदनीय है।
यशस्वी यादव मुख्यमंत्री द्वारा 15 दिन का अल्टीमेटम दिए जाने और अतिरिक्त पुलिस लगाए जाने के बाद भी यह घटना नहीं खोल पाए। वजीरगंज में पेट्रोल पंप व्यवसायी की हत्या और लूट, चौक में क्त्रसकरी व्यवसायी और नौकर की हत्या सहित दर्जनों बड़ी घटनाओं का खुलासा नहीं कर पाए।
वहीं उनके निर्देशन में फर्जी ढंग से विदेशी जानवरों की खाल और अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा मिलने के दावे भी किये गए, जिनपर आज तक जांच चल रही है। डॉ. ठाकुर ने मांग की है कि इन स्थितियों में यशस्वी यादव को तत्काल हटाना जाना राजधानी के क़ानून-व्यवस्था के लिए बहुत जरूरी हो गया है।