लखनऊ के इस बूथ पर शाम तक होता रहा अटल बिहारी वाजपेयी का इंतजार
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कभी लखनऊ की सभाओं में ‘पहले मतदान-फिर जलपान’ के नारे से राजधानी के लोगों को वोट करने को प्रेरित करने वाले अटल बिहारी वाजपेयी का नाम विधानसभा की मध्य सीट की मतदाता सूची में 141 नंबर पर दर्ज है। अस्वस्थता के चलते वह पिछले कई चुनावों से वोट डालने आ नहीं पाते हैं।
लोकसभा के 2004 में हुए चुनाव में उन्होंने लखनऊ में अंतिम बार मतदान किया था। इस बार भी नगर निगम मतदान केंद्र का बूथ नंबर 233 सुबह से शाम तक उनकी प्रतीक्षा करता रहा, पर, प्रतीक्षा पूरी नहीं हुई।
कभी यही अटल हर छोटे-बड़े चुनाव में मतदान करने लखनऊ जरूर आते थे। वह चुनाव नगर निगम का हो या विधान परिषद कोटे की स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र कोटे की सीटों का। यहां तक कि पहले जब अप्रत्यक्ष मतदान पद्धति से महापौर का चुनाव हुआ करता था, तो उसमें भी अटल जी हिस्सा लेना नहीं भूलते थे।
अलग-अलग मोहल्लों से रहे मतदाता
लोकसभा और विधान सभा चुनाव में तो वह सुबह ही सुबह वोट डालने पहुंच जाते थे। यह बात दीगर है कि कभी उनका वोट कैंट से मतदाता होने के नाते पड़ा तो कभी एपी सेन रोड के मतदाता के रूप में। सांसद, नेता प्रतिपक्ष और प्रधानमंत्री रहे तो लाप्लास में आवास के नाते उनका मतदान केंद्र नवल किशोर रोड पर विशुन नारायण इंटर कॉलेज रहा।
प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनका लखनऊ का पता भाजपा मुख्यालय 7 विधानसभा मार्ग हो गया। इस नाते उनका मतदान केंद्र अब नगर निगम का कक्ष संख्या-तीन और बूथ संख्या-233 हो गया है।