10 फीसदी विदेशी मेहमानों की चौथी पसंद यूपी
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विदेशी पर्यटकों की आमद के लिहाज से उत्तर प्रदेश देश में चौथे नंबर पर है।
यह निष्कर्ष है कि एसोसिएशन ऑफ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) की ओर से करवाए गए अध्ययन का। एसोचैम ने विश्व पर्यटन दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को अध्ययन रिपोर्ट जारी की।
इसके अनुसार भारत आने वाले कुल विदेशी पर्यटकों में से 10 प्रतिशत ने उत्तर प्रदेश का रुख किया। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान विदेशी पर्यटकों के टॉप 5 पसंदीदा राज्यों में शुमार हुए हैं। 70 प्रतिशत विदेशी पर्यटकों ने इन्हीं राज्यों का रुख किया।
अपनी रिपोर्ट में एसोचैम ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 2006 से 2012 के बीच विदेशी पर्यटकों की संख्या में डेढ़ गुना बढ़ोतरी हुई है। वहीं 2002 में जहां प्रदेश में करीब 13.2 लाख विदेशी पर्यटक आए थे, वहीं 2012 में 20 लाख पर्यटकों ने यहां का रुख किया।
संगठन के मुताबिक सकल वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) के आधार पर पर्यटकों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत की यह वृद्धि उत्साहित करने वाली है।
दूसरी ओर देश में पर्यटकों की सीएजीआर 13 प्रतिशत आंकी गई है, जबकि एशिया पेसिफिक में सीएजीआर 9.5 और विश्व भर में 6.1 प्रतिशत ही रही है।
देश के कुल जीडीपी में पर्यटन उद्योग 6.6 प्रतिशत का योगदान देता है, जबकि इसके जरिए 7.7 प्रतिशत रोजगार सृजन हो रहा है। इससे देश को अपना विदेशी मुद्रा भंडार मौजूदा 20 अरब डॉलर से वर्ष 2015 तक 26 अरब डॉलर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत के मुताबिक बीते 10 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का पर्यटन सेक्टर में हिस्सा 0.64 प्रतिशत से बढ़कर 1.65 प्रतिशत हो गया है।
देश के लिए विदेशी मुद्रा कमाने में भी 2012 में पर्यटन उद्योग 17.7 अरब डॉलर के साथ चौथे स्थान पर रहा।