सदन में बिजली पर बवाल, भाजपा ने किया वॉक आउट
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एक बार फिर विपक्ष के हंगामे ने सदन की कार्यवाही ठप कर दी। बसपा और भाजपा ने सदन में प्रदेश में अघोषित बिजली पर सवाल उठाया और सरकार पर जमकर निशाना साधा।
बहुजन समाज पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने सदन में यह प्रश्न उठाया कि आखिर प्रदेश में बिजली कटौती क्यों की जा रही है।
उधर, भाजपा के अध्यक्षा एलके वाजपेयी ने भी बिजली कटौती पर जोरदार ढंग से अपनी बात रखी। फिर बाद में भाजपा ने सदन से वॉक आउट कर लिया। बताते चलें कि आज सदन में बजट पर चर्चा होनी है।
इससे पहले भी हो चुका है हंगामा
सदन में विपक्षियों का हंगामा करना कोई नई बात नहीं है। सदन के पहले ही दिन बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने सरकार को बदहाल कानून व्यवस्था पर आड़े हाथों लिया।
विपक्ष का कहना था कि प्रदेश में चारों तरफ गुंडाराज चल रहा है और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।
हालांकि, विपक्ष के इस रवैये पर सपा के नेता राजेंद्र चौधरी का कहना था कि विपक्ष मुद्दाविहीन है, इसलिए सदन में ऐसी हरकत कर रही है।
बजट में बिजली के लिए 29,928 करोड़
सरकार ने बिजली व्यवस्था को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हुए वर्ष 2014-15 के बजट में 29,928 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
सीएम अखिलेश ने बजट में विकास योजनाओं का ख्याल तो रखा ही साथ ही बिजली समस्या को खत्म करने का ब्यौरा भी दिया।
अखिलेश का दावा है कि 2016-17 से प्रदेश में गांवों को 18 घंटे तथा शहरों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति होने लगेगी।
इसके लिए जरूरी ट्रांसमिशन व वितरण नेटवर्क तैयार कराया जाएगा। इस पर लगभग 22,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
27 जून तक सत्रावसान होने की संभावना
सरकार को मौजूदा सत्र में वित्तीय वर्ष 2014-15 का बजट पास कराना है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 23 से 26 जून तक बजट पर सामान्य चर्चा प्रस्तावित है।
27 जून को आय-व्यय की अनुदान मांगों पर विचार एवं मतदान होगा। 30 जून से तीन जुलाई तक फिर यही हाउस बिजनेस है। सात से 10 जुलाई तक बजट पर फिर चर्चा और मतदान होगा।
उसी दिन विनियोग विधेयक 2014 रखा जाना है। 14 से 16 जुलाई तक बजट पर जारी रखते हुए 17 जुलाई को अनुदान मांगों पर मतदान प्रस्तावित है।
आखिरी दिन 18 जुलाई को आधा दिन गैरसरकारी कामों और आधा दिन विधायी कार्यों के लिए रहेगा।