फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Asma imposed on medical institutes of uttar pradesh.

यूपी के चिकित्सा संस्थानों पर छह महीने तक हड़ताल पर रोक, मेडिकल कॉलेजों में एस्मा लागू

Fri, 06 Apr 2018 09:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 06 Apr 2018 09:03 PM IST
विज्ञापन
Asma imposed on medical institutes of uttar pradesh.
प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश सरकार ने एसजीपीजीआई सहित सभी मेडिकल कॉलेजों में अगले छह माह तक हड़ताल पर रोक लगा दी है। शुक्रवार को अति आवश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू करते हुए आपातकालीन सेवाएं को ठप करने पर रोक लगा दी गई है। प्रदेश में आठ चिकित्सा संस्थान और 13 मेडिकल कॉलेजों पर एस्मा लगाया है। इसका उल्लघंन करने वालों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जिसमें जेल भेजने का भी प्रावधान है।

विज्ञापन


महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. केके गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने चिकित्सा संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों में कानून-व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए एस्मा लगाने का फैसला किया है।
विज्ञापन


चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले चिकित्सा शिक्षा संस्थानों एसजीपीजीआई, केजीएमयू, डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, उप्र आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई, इटावा, सुपर स्पेशियलिटी बाल चिकित्सालय एवं स्नातकोत्तर शैक्षणिक संस्थान नोएडा, गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, ग्रेटर नोएडा, कानपुर के हृदय रोग व कैंसर संस्थान में भी हड़ताल पर रोक लगायी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेजों इलाहाबाद, आगरा, कानपुर, सहारनपुर, मेरठ, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, झांसी, गोरखपुर, कन्नौज, जालौन, बांदा, बदायूं में भी हड़ताल को निषिद्ध किया गया है।

मरीजों के हित में नहीं है ऐसी स्थिति

Asma imposed on medical institutes of uttar pradesh.
प्रतीकात्मक फोटो

उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों में उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सेवाएं दी जाती हैं। इन सभी संस्थानों में आपातकालीन सेवाएं भी चलती हैं। रोगी की बीमारी गंभीर होने की स्थिति में कभी-कभी इमरजेंसी व अन्य परिस्थितियों में चिकित्साकर्मियों और तीमारदारों में मारपीट हो जाती है। इसके बाद की स्थिति हड़ताल के रूप में सामने आती है।

ये किसी भी तरह संस्थानों और मरीजों के हित में नहीं हैं। ये परिस्थितियां चिकित्सा सेवा से जुड़े समुदाय में किसी प्रकार से मान्य नहीं हैं। इसी पर रोक लगाने के लिए शासन द्वारा एस्मा कानून लागू किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed