यूपी के चिकित्सा संस्थानों पर छह महीने तक हड़ताल पर रोक, मेडिकल कॉलेजों में एस्मा लागू
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उत्तर प्रदेश सरकार ने एसजीपीजीआई सहित सभी मेडिकल कॉलेजों में अगले छह माह तक हड़ताल पर रोक लगा दी है। शुक्रवार को अति आवश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू करते हुए आपातकालीन सेवाएं को ठप करने पर रोक लगा दी गई है। प्रदेश में आठ चिकित्सा संस्थान और 13 मेडिकल कॉलेजों पर एस्मा लगाया है। इसका उल्लघंन करने वालों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जिसमें जेल भेजने का भी प्रावधान है।
महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. केके गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने चिकित्सा संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों में कानून-व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए एस्मा लगाने का फैसला किया है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले चिकित्सा शिक्षा संस्थानों एसजीपीजीआई, केजीएमयू, डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, उप्र आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई, इटावा, सुपर स्पेशियलिटी बाल चिकित्सालय एवं स्नातकोत्तर शैक्षणिक संस्थान नोएडा, गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, ग्रेटर नोएडा, कानपुर के हृदय रोग व कैंसर संस्थान में भी हड़ताल पर रोक लगायी गई है।
इसके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेजों इलाहाबाद, आगरा, कानपुर, सहारनपुर, मेरठ, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, झांसी, गोरखपुर, कन्नौज, जालौन, बांदा, बदायूं में भी हड़ताल को निषिद्ध किया गया है।
मरीजों के हित में नहीं है ऐसी स्थिति
उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों में उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सेवाएं दी जाती हैं। इन सभी संस्थानों में आपातकालीन सेवाएं भी चलती हैं। रोगी की बीमारी गंभीर होने की स्थिति में कभी-कभी इमरजेंसी व अन्य परिस्थितियों में चिकित्साकर्मियों और तीमारदारों में मारपीट हो जाती है। इसके बाद की स्थिति हड़ताल के रूप में सामने आती है।
ये किसी भी तरह संस्थानों और मरीजों के हित में नहीं हैं। ये परिस्थितियां चिकित्सा सेवा से जुड़े समुदाय में किसी प्रकार से मान्य नहीं हैं। इसी पर रोक लगाने के लिए शासन द्वारा एस्मा कानून लागू किया गया है।