फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ashok Leyland will set up a plant in Lucknow at a cost of Rs 1500 crore

Good News: यूपी के इस शहर में लगेगा अशोक लीलैंड का प्लांट, 10 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार; 1500 करोड़ का निवेश

Sat, 09 Dec 2023 08:05 AM IST
शाहरुख खान अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 09 Dec 2023 08:05 AM IST
सार

अब लखनऊ-कानपुर रोड स्थित स्कूटर इंडिया की जमीन पर प्रदेश का पहला इलेक्ट्रिक बस निर्माण संयंत्र लगेगा। इस पर 1500 करोड़ रुपये निवेश होंगे। अकेले एक संयंत्र से प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से 10000 रोजगार सृजन होगा।

विज्ञापन
Ashok Leyland will set up a plant in Lucknow at a cost of Rs 1500 crore
Ashok Leyland - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाणिज्यिक वाहन बनाने वाली दुनिया की चौथी सबसे बड़ी कंपनी अशोक लीलैंड ने प्लांट के लिए लखनऊ को फाइनल कर दिया है। प्रयागराज में भी कंपनी की दिलचस्पी थी लेकिन लखनऊ और कानपुर में पहले से ही आटो मोबाइल की सहायक इकाइयों की मौजूदगी ने इस बेल्ट में प्रदेश के पहले वाहन प्लांट का रास्ता साफ कर दिया। 
विज्ञापन


अब लखनऊ-कानपुर रोड स्थित स्कूटर इंडिया की जमीन पर प्रदेश का पहला इलेक्ट्रिक बस निर्माण संयंत्र लगेगा। इस पर 1500 करोड़ रुपये निवेश होंगे। अकेले एक संयंत्र से प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से 10000 रोजगार सृजन होगा।
विज्ञापन


15 सितंबर को अशोक लीलैंड समूह के धीरज हिंदुजा ने यूपी में एकीकृत वाणिज्यिक वाहन बस संयंत्र स्थापित करने को लेकर समझौता किया था। समूह ने लखनऊ स्थित स्कूटर इंडिया और प्रयागराज स्थित बीपीसीएल की जमीन देखी थी। बीपीसीएल की 231 एकड़ जमीन उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को निशुल्क दी गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के तहत दिया गया। यूपीसीडा के पास जमीन आते ही हिंदुजा समूह को जमीन मिलने का रास्ता भी साफ हो गया था। प्रयागराज में जमीन की उपलब्धता और औद्योगिक नीति के मुताबिक सब्सिडी लखनऊ की तुलना में ज्यादा थी। श्रम भी सस्ता था। इस लिहाज से प्रयागराज लखनऊ पर भारी पड़ रहा था।

बड़ा उद्योग केवल जमीन और सब्सिडी के सहारे नहीं पनप सकता जबकि तक उसके पास सहायक इकाइयों (एंसीलरी) का मजबूत नेटवर्क न हो। इस कसौटी में लखनऊ से प्रयागराज पिछड़ गया। लखनऊ में टाटा की मौजूदगी पहले से है। इस वजह से यहां 200 से ज्यादा सहायक इकाइयां केवल आटोमोबाइल सेक्टर की हैं। 

 

यहां से 70 किलोमीटर दूर कानपुर में 3000 से ज्यादा इकाइयां आटोमोबाइल सेक्टर की इकाइयां हैं। वाहन क्षेत्र की सहायक इकाइयों की अच्छी खासी मौजूदगी के कारण स्कूटर इंडिया की जगह पर मुहर लगा दी गई। अब ये बेल्ट देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों की बेल्ट के रूप में उभरेगी।

 

अशोक लीलैंड यहां ई-मोबिलिटी पर केंद्रित एक एकीकृत वाणिज्यिक वाहन बस संयंत्र स्थापित करेगा जो राज्य में अशोक लीलैंड का पहला संयंत्र होगा। साझेदारी के तहत अशोक लीलैंड मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक बसों के उत्पादन पर फोकस करेगा। प्लांट में वर्तमान में उपलब्ध ईंधन के साथ-साथ उभरते वैकल्पिक ईंधन द्वारा संचालित वाहनों को भी असेंबल करने की तकनीक यहां होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed