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कोरोना को रोकने में कारगर साबित हुई आर्सेनिक एल्बम 30, 10 हजार लोगों पर किया गया प्रयोग

Mon, 15 Jun 2020 01:10 PM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 15 Jun 2020 01:10 PM IST
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arsenic album 30 may useful in prevention in Coronavirus.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
होम्योपैथी दवा आर्सेनिक एल्बम 30 कोरोना रोकने में कारगर पाई गई है। लखनऊ के करीब 10,000 लोगों पर इसका प्रयोग किया गया है। इस दौरान किसी तरह के साइड इफेक्ट नहीं पाए गए। नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने इस संबंध में आईसीएमआर को जानकारी भेजी है।
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ऐसे में इस दवा को कोरोना वायरस के इलाज में नियमित प्रयोग किए जाने की मान्यता मिलने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश, गुजरात सहित अन्य प्रदेशों में कोरोना वायरस से बचाव के लिए आर्सेनिक एल्बम 30 का प्रयोग किया गया। क्वारंटीन किए गए लोगों में इस दवा की खुराक दी गई।
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इसके सार्थक नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश में भी अप्रैल में इसका प्रयोग शुरू हुआ। नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने करीब 10000 लोगों को यह दवा दी। दवा देने के बाद इसके साइड इफेक्ट और प्रभावित होने वालों की स्थिति का मूल्यांकन किया गया।
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पहला ट्रायल सफल रहा

कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद वर्मा ने बताया कि करीब 10,000 लोगों पर पहला ट्रायल सफल रहा है। इस दवा का कहीं पर भी कोई साइड इफेक्ट सामने नहीं आया है। इस संबंध में आईसीएमआर को रिपोर्ट भेजी गई है। इसी तरह क्वारंटीन में रहने वाले जिन लोगों ने इस दवा का प्रयोग किया था, उनमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं। यह प्रयोग पूरी तरह से सफल रहा है।

प्रधानाचार्य अरविंद वर्मा ने बताया कि होम्योपैथी दवा मर्ज से बचाव में कारगर रही हैं। विभिन्न संक्रामक और अन्य बीमारियों से बचाव के लिए इस पद्धति में दवाएं हैं, जिन्हें प्रीवेंशन के तौर पर प्रयोग किया जाता रहा है। कोरोना वायरस के प्रीवेंशन के रूप में आर्सेनिक एल्बम 30 कारगर साबित हुई है।
 
दावा : जीआरपी के जो जवान दवा नहीं पाए वही आए चपेट में 
सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन होम्योपैथी के पूर्व असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि जीआरपी चारबाग में जब 11 सिपाही संक्रमित हुए तब वहां 200 लोगों को दवा बांटी गई। उस वक्त 25 लोग अनुपस्थित थे, जो दवा नहीं पाए। बाद में इन्हीं 25 में पॉजिटिव के लक्षण मिले। दवा लेने वाले सभी 200 सिपाही सुरक्षित हैं। 
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