पूर्व बसपा नेता नसीमुद्दीन व राजभर समेत पांच के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, की थी अभद्र टिप्पणी
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प्रदेश सरकार की मंत्री स्वाति सिंह और उनके परिवारीजनों समेत अन्य महिलाओं पर अमर्यादित व अभद्र टिप्पणी करने के मामले में एमपीएमएलए कोर्ट ने पूर्व बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत पांच लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई तीन जनवरी को होगी।
कोर्ट में आरोपियों के हाजिर न होने पर विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने कहा कि पुलिस की चार्जशीट पर 8 फरवरी 2018 को संज्ञान लिया जा चुका है, लेकिन आरोपी हाजिर नहीं हो रहे है। इसके कारण दो वर्ष बीतने के बाद भी आरोप तय नहीं किए जा सके हैं। जिससे सुप्रीम कोर्ट के शीघ्र निस्तारण के आदेशों का पालन नहीं हो पा रहा है।
तेतरा देवी ने कराया था मुकदमा
वादिनी तेतरा देवी ने 22 जुलाई 2016 को हजरतगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 जुलाई को बसपा सुप्रीमो मायावती ने वादिनी, उसकी बेटी, बहू और नातिन समेत देश की समस्त महिलाओं के खिलाफ सदन में अभद्र टिप्पणी की।
बसपा के हजारों कार्यकर्ताओं ने की थी अमर्यादित और अशोभनीय टिप्पणियां
अगले दिन मायावती के बुलावे पर नसीमुद्दीन, राम अचल राजभर तथा राष्ट्रीय सचिव मेवालाल गौतम की अगुवाई में बसपा के हजारों कार्यकर्ताओं ने आंबेडकर प्रतिमा पर अमर्यादित और अशोभनीय टिप्पणियां कीं।
आरोपियों ने दयाशंकर सिंह को फांसी देने की मांग के साथ भीड़ को जातीय और वर्ग भेद बताकर शत्रुता और हिंसा के लिए उत्तेजित किया। इस मामले में पुलिस ने 21 जून 2017 को चार्जशीट लगते हुए नसीमुद्दीन, मेवालाल, रामअचल राजभर, नौशाद अली और अतर सिंह राव को आरोपी बनाया।
चार्जशीट दायर कर कोर्ट को बताया कि मायावती, प्रदीप सिंह, ओपी सिंह, ऊषा चौधरी और जन्नत जहां के खिलाफ विवेचना जारी है। इस मामले में आरोपियों के हाजिर नहीं होने पर कोर्ट ने सभी के खिलाफ वारंट जारी किया है। इसी घटना को लेकर उसी दिन हजरतगंज के दरोगा शिवा साकेत सोनकर ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।