{"_id":"61e87632290c826eca78052d","slug":"archetechure-faculty-of-aktu-going-to-be-autonomus-body-lucknow-news-lko6142087115","type":"story","status":"publish","title_hn":"एकेटीयू की आर्किटेक्चर फैकल्टी होगी स्वायत्त, मिलेगी खुद की पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एकेटीयू की आर्किटेक्चर फैकल्टी होगी स्वायत्त, मिलेगी खुद की पहचान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग की अब अपनी खुद की पहचान होगी। यह स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग के नाम से जाना जाएगा। झूलेलाल पार्क के सामने संचालित इस फैकल्टी को एकेटीयू स्वायत्तता का दर्जा देगा। इसकी कार्यवाही शुरू हो गई है। बुधवार को कुलपति प्रो. पीके मिश्रा की अध्यक्षता में सभी अधिष्ठाताओं के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके अलावा विवि द्वारा इंटरनेशनल स्कूल ऑफ फार्मेसी की स्थापना करने की भी तैयारी है, जिसके बाद विवि के घटक समेत सरकारी कॉलेजों में फार्मा की भी पढ़ाई शुरू होगी। वर्तमान में फार्मा पाठ्यक्रमों की मांग सबसे ज्यादा है। इसे देखते हुए विवि प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग में बीआर्क, एमआर्क और मास्टर ऑफ प्लानिंग पाठ्यक्रम की पढ़ाई होती है। आर्किटेक्चर व प्लानिंग के क्षेत्र में पढ़ाई में इसका प्रमुख स्थान है। अब इसकी अपनी खुद की पहचान होगी। एकेटीयू इसे स्वायत्तता प्रदान कर स्कूल ऑफ आर्किटेकचर एंड प्लानिंग का दर्जा देने जा रहा है। कुलपति प्रो. पीके मिश्रा ने बताया कि स्वायत्तता का दर्जा मिलने के बाद यह अलग संस्थान होगा, जिसकी अपनी खुद की पहचान होगी। यह अपनी परीक्षा खुद कराएगा और स्वयं ही मूल्यांकन कर रिजल्ट भी जारी करेगा। शैक्षणिक संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्णय भी खुद ले सकेगा। इसके अलावा विवि द्वारा इंटरनेशनल स्कूल ऑफ फार्मेसी की स्थापना भी जल्द ही की जाएगी। अभी तक विवि से संबद्ध निजी कॉलेजों में ही फार्मा पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होती है, लेकिन विवि के घटक समेत सरकारी कॉलेजों में फार्मेसी की पढ़ाई नहीं होती। इसकी स्थापना से इन कॉलेजों में फार्मा की पढ़ाई शुरू होने के साथ गुणवत्तापरक शोध भी होंगे। कुलपति ने बताया कि इसके लिए एक अधिष्ठाता (संबद्घता और नामांकन) की तैनाती की जाएगी, ताकि संबद्धता संबंधी प्रकरणों को पारदर्शिता के साथ निश्चित समयावधि में पूरा किया जा सके।
ऑनलाइन लेक्चर की बढ़ेगी संख्या
कुलपति प्रो. पीके मिश्रा ने बताया कि ऑनलाइन लेक्चर की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इसका प्रसारण स्वयं प्रभा चैनल पर किया जाता है, जिसकी रिकॉर्डिंग एकेटीयू में ही कराई गई थी। वहीं बैठक में कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) के अंतर्गत शिक्षकों के लंबित पदोन्नति के मामलों का जल्द ही निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विवि शिक्षण, शोध, नवाचार आदि पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबद्ध सभी संस्थानों के निदेशकों से विवि को और बेहतर ढंग से कार्य करने के लिए विचारों व सुझाव देने का आग्रह किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग में बीआर्क, एमआर्क और मास्टर ऑफ प्लानिंग पाठ्यक्रम की पढ़ाई होती है। आर्किटेक्चर व प्लानिंग के क्षेत्र में पढ़ाई में इसका प्रमुख स्थान है। अब इसकी अपनी खुद की पहचान होगी। एकेटीयू इसे स्वायत्तता प्रदान कर स्कूल ऑफ आर्किटेकचर एंड प्लानिंग का दर्जा देने जा रहा है। कुलपति प्रो. पीके मिश्रा ने बताया कि स्वायत्तता का दर्जा मिलने के बाद यह अलग संस्थान होगा, जिसकी अपनी खुद की पहचान होगी। यह अपनी परीक्षा खुद कराएगा और स्वयं ही मूल्यांकन कर रिजल्ट भी जारी करेगा। शैक्षणिक संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्णय भी खुद ले सकेगा। इसके अलावा विवि द्वारा इंटरनेशनल स्कूल ऑफ फार्मेसी की स्थापना भी जल्द ही की जाएगी। अभी तक विवि से संबद्ध निजी कॉलेजों में ही फार्मा पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होती है, लेकिन विवि के घटक समेत सरकारी कॉलेजों में फार्मेसी की पढ़ाई नहीं होती। इसकी स्थापना से इन कॉलेजों में फार्मा की पढ़ाई शुरू होने के साथ गुणवत्तापरक शोध भी होंगे। कुलपति ने बताया कि इसके लिए एक अधिष्ठाता (संबद्घता और नामांकन) की तैनाती की जाएगी, ताकि संबद्धता संबंधी प्रकरणों को पारदर्शिता के साथ निश्चित समयावधि में पूरा किया जा सके।
विज्ञापन
ऑनलाइन लेक्चर की बढ़ेगी संख्या
कुलपति प्रो. पीके मिश्रा ने बताया कि ऑनलाइन लेक्चर की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इसका प्रसारण स्वयं प्रभा चैनल पर किया जाता है, जिसकी रिकॉर्डिंग एकेटीयू में ही कराई गई थी। वहीं बैठक में कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) के अंतर्गत शिक्षकों के लंबित पदोन्नति के मामलों का जल्द ही निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विवि शिक्षण, शोध, नवाचार आदि पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबद्ध सभी संस्थानों के निदेशकों से विवि को और बेहतर ढंग से कार्य करने के लिए विचारों व सुझाव देने का आग्रह किया है।
विज्ञापन