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निजी स्कूल संगठनों का सुझाव: निरस्त हुई परीक्षा के अंकपत्र जारी न किए जाएं
Sun, 30 May 2021 12:59 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 30 May 2021 12:59 PM IST
सार
अप्सा ने मांग की है कि कोरोना संक्रमण के कारण निरस्त की गई परीक्षाओं के अंकपत्र न जारी किए जाएं। विद्यार्थियों को सिर्फ पास होने का सर्टिफिकेट दिया जाए।
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- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
निजी स्कूलों के संगठन अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन (अप्सा) ने उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से निरस्त परीक्षाओं के अंकपत्र जारी न करने का अनुरोध किया है। इसके एवज में केवल पास होने का सर्टिफिकेट जारी करने की मांग की है। यही सुझाव उन्होने अन्य बोर्ड के अधिकारियों को भी दिया है।
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अप्सा के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि सभी बोर्डों ने हाईस्कूल की परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। स्कूल में परफार्मेंस के आधार पर छात्रों को औसतन अंक दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। यह किसी भी रूप में छात्रों के हित में नहीं है।
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खासकर वे छात्र जिन्होंने साल भर कड़ी मेहनत की है। ऐसे में बेहतर होगा कि छात्रों को अंकपत्र न देकर केवल पास होने का सर्टिफिकेट जारी किया जाए। वहीं, अंक के बजाय उनको केवल विषयों में ग्रेड दिया जाए।
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उन्होंने बताया कि अन्य बोर्डों को सुझाव भेजने के साथ उप मुख्यमंत्री को यह भी प्रस्ताव भेजा है। वहीं, इंटर की परीक्षा जुलाई में प्रस्तावित हैं। उससे पहले परीक्षा में ड्यूटी करने वाले सभी शिक्षकों के अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराने की मांग की है। साथ ही बोर्ड की परीक्षा ऑनलाइन कराने का सुझाव भी दिया है।
मिड टर्म ऑफलाइन परीक्षा हो
उन्होंने बोर्ड द्वारा कक्षा 10 और 12वीं के छात्रों के लिए मिड टर्म ऑफलाइन परीक्षा कराने का भी सुझाव दिया है। यदि वर्ष 2022 में बोर्ड परीक्षाएं परिस्थितियों को देखते हुए ना हो पाए तो इसके आधार पर छात्रों को प्रमोट किया जा सके। यह परीक्षा सितंबर से नवंबर के बीच में कभी भी कराई जा सकती है।