मुख्यमंत्री की मंजूरी के बावजूद यूपीपीएससी के सदस्यों की नियुक्ति अटकी, जारी नहीं हुआ आदेश
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में सदस्यों के रिक्त पदों के लिए चयनित नामों पर मुख्यमंत्री की मंजूरी के बावजूद आदेश जारी न होने से तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। इससे आयोग के स्तर से होने वाली भर्ती कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही।
राज्य लोक सेवा आयोग में आठ में से सात सदस्यों के पद अर्से से खाली हैं। इसकी वजह से भर्तियों के लिए इंटरव्यू सहित चयन से जुड़ी अन्य प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। सदस्यों के रिक्त पदों के लिए चयन से जुड़ी कार्यवाही सरकार ने करीब छह महीने पहले तत्कालीन मुख्य सचिव राजीव कुमार के समय में ही शुरू कर दी थी।
आवेदन, स्क्रीनिंग जैसी लंबी प्रक्रिया काफी पहले पूरी होने के बावजूद शासन ने सदस्यों के नाम तय करने की कार्यवाही अक्तूबर में तब शुरू की जब इलाहाबाद में युवाओं ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयोग में रिक्त सदस्यों के सभी सात पदों पर चयन के लिए नामों का पैनल आते ही नियुक्ति के योग्य नामों की मंजूरी दे दी थी।
युवाओं में सरकार के प्रति बढ़ रही है नाराजगी
सदस्यों की नियुक्ति के आदेश नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग से जारी किए जाने हैं। मगर, मुख्यमंत्री की मंजूरी के 10 दिन से अधिक बीतने के बावजूद सदस्यों की नियुक्ति के आदेश जारी नहीं हो पाए हैं। इससे युवाओं में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक मुकुल सिंघल का कहना है कि नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जैसे ही नियुक्ति का आदेश जारी होगा, पता चल जाएगा।