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UP: अपार आईडी से होगी आरटीई की शुल्क प्रतिपूर्ति, बेसिक शिक्षा विभाग नए सत्र में निजी स्कूलों पर करेगा सख्ती

Thu, 08 May 2025 02:00 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 08 May 2025 02:00 PM IST
सार

यूपी में अपार आईडी बनाने की रफ्तार बढ़ेगी। नए सत्र में बेसिक शिक्षा विभाग निजी स्कूलों पर सख्ती करेगा। वहीं, लापरवाही पर रोक लगेगी।

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Apaar ID necessary RTE admission strict action taken private schools only this much percentage Apaar ID made s
अपार आईडी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश को लेकर चल रही सख्ती के बीच बेसिक शिक्षा विभाग अब निजी स्कूलों पर और कड़ाई करने जा रहा है। इससे निजी स्कूलों द्वारा ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी बनाने में की जा रही हीलाहवाली पर भी रोक लगेगी। इसके तहत विभाग अब अपार आईडी से आरटीई की शुल्क प्रतिपूर्ति करेगा।

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प्रदेश में अपार आईडी बनाने के लिए अभियान चल रहा है। सरकारी स्कूलों में तो 90 फीसदी से ज्यादा छात्रों की अपार आईडी बन गई है, लेकिन निजी स्कूलों में यह आंकड़ा 50 से 60 फीसदी भी नहीं पहुंचा है। इसके लिए विभाग ने कई बार निर्देश दिए और कैंप भी लगवाए, लेकिन इसमें अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसे देखते हुए अब सख्ती शुरू की जा रही है।
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विभाग नए सत्र 2025-26 में यू-डायस पोर्टल आईडी, आरटीई आईडी व अपार आईडी को आपस में जोड़ रहा है। निजी स्कूल जिन बच्चों का आरटीई के तहत प्रवेश लेंगे, उनकी अपार आईडी होने पर ही शुल्क प्रतिपूर्ति हो सकेगी। नए सत्र के लिए चार चरणों में आवेदन लेकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी की गई है। इसमें 3.34 लाख आवेदन आए और 1.85 लाख से अधिक बच्चों को सीट अलॉट हुई है।


पोर्टल  पर अपलोड करनी होगी उपस्थिति
आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों की उपस्थिति भी निजी स्कूलों को निर्धारित पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने आरटीई का एक पोर्टल विकसित किया है। इससे निजी स्कूलों को जोड़ा गया है। उन्हें आईडी- पासवर्ड भी दिया जा रहा है। अब हर दिन बच्चों की उपस्थिति इस पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, जिससे यह पता चल सकेगा कि आरटीई में प्रवेश लेने वाले बच्चे नियमित स्कूल आ रहे या नहीं। 

अधिकारी करेंगे स्कूलों का औचक भ्रमण
समग्र शिक्षा के उप निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि विभाग अधिकारियों से भी आरटीई वाले स्कूलों का औचक निरीक्षण कराएगा। इसमें यह देखा जाएगा कि आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं या नहीं। कई बार इस तरह की शिकायत मिलती है कि प्रवेश लेने वाले के बाद बच्चों को हटा दिया  जाता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्द  ही विस्तृत निर्देश जारी किए जाएंगे। 

समग्र शिक्षा के उप निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बातया कि नए सत्र में आरटीई नंबर, यू-डायस नंबर, अपार आईडी नंबर को लिंक किया जाएगा। इसी से निजी स्कूलों में प्रवेश पाने वाले बच्चों की शुल्क प्रतिपूर्ति की जाएगी। 

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