अनुप्रिया पटेल ने कहा, 2022 में सत्ता की कुंजी पिछड़ों के पास होनी चाहिए, जाति आधारित जनगणना एवं ओबीसी मंत्रालय का हो गठन
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग महासंघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना होने से समाज के गरीब, दलित व अन्य पिछड़ी जातियों की वास्तविक संख्या की जानकारी मिलेगी। इससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े इस वर्ग के लिए योजनाओं का खाका तैयार किया जाएगा।
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अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि वर्ष 2022 में सत्ता की कुंजी पिछड़ों के पास ही होनी चाहिए। जातीय जनगणना आज देश की मांग है। वह पिछले 7 वर्षों से संसद में निरंतर आवाज उठा रही हैं। जातीय जनगणना होने से समाज के गरीब, दलित व अन्य पिछड़ी जातियों की वास्तविक संख्या की जानकारी मिलेगी। इससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े इस वर्ग के लिए योजनाओं का खाका तैयार किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री कैसरबाग स्थित गांधी भवन में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग महासंघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को सांविधानिक दर्जा मिल चुका है। सैनिक स्कूलों एवं नवोदय विद्यालयों में प्रवेश के लिए ओबीसी के मेधावी बच्चों को 27 प्रतिशत आरक्षण का सपना साकार हो चुका है। मेडिकल एंट्रेंस नीट में ऑल इंडिया कोटा और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में रोस्टर प्रणाली लागू हो चुकी है। इससे पूर्व उन्होंने महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने ओबीसी की जनगणना एवं ओबीसी मंत्रालय के गठन की मांग की। इस मौके पर डॉ. जमुना प्रसाद सरोज, महासंघ संयोजक, मुन्नर प्रजापति हरीचन विश्वकर्मा, प्रशांत कुमार विश्वकर्मा, महेश शर्मा, ई.आरएस अर्कवंशी, पकौड़ी लाल कोल, आशीष पटेल व नील रतन पटेल मौजूद रहे। उधर, देर शाम पार्टी कार्यालय में भी उनका स्वागत किया गया।