अनुप्रिया ने दिखाई ताकत, यूपी में भी अहम मंत्रालय पाने की कोशिश
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लोकसभा चुनाव में भाजपा का साथ देकर केन्द्र में महत्वपूर्ण विभाग की मंत्री बनने वाली अनुप्रिया पटेल की नजर अब सूबे में भी अहम मंत्रालय पर है। वह चाहती हैं कि 9 सीटों पर जीत दर्ज करने वाली उनकी पार्टी अपना दल (सोनेलाल) को सूबे की सरकार में कम से कम दो महत्वपूर्ण विभाग मिले।
हालांकि इस बारे में उन्होंने अधिकारिक तौर पर तो कुछ नहीं कहा है, लेकिन चुनाव के बाद लखनऊ में हुए पहले कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने सत्ता में अपनी भागीदारी को लेकर जिस तरह से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, उसके आधार पर कहा जा सकता है कि सीटों की तरह अहम विभागों को लेकर भी अनुप्रिया अपना दावा पेश कर सकती हैं।
दरअसल अब जब सूबे में भाजपा की सरकार बनने जा रही है, सहयोग दल भी सरकार में अपनी भूमिका को लेकर सक्रिय हो गए हैं। इनमें अपना दल (सोनेलाल) सबसे आगे दिख रही है।
सीएम तय होने के बाद तय हो उनके दल की भूमिका
बुधवार को लखनऊ में कार्यकर्ता सम्मेलन के नाम पर अनुप्रिया ने जिस तरह से कार्यकर्ताओं को बुलाकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया उसके तमाम निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक अनुप्रिया ने पार्टी के पहले कार्यकर्ता सम्मेलन में इस बात के संकेत दिए हैं कि उनके लिए नेता नहीं बल्कि दल बड़ा है और दल के सम्मान के लिए चाहती हैं कि सरकार में इसको अहम भूमिका मिले।
हालांकि अनुप्रिया के इस बयान को एक सामान्य बयान ही मान रहे हैं, लेकिन उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि पार्टी सुप्रीमो का प्रयास है कि मुख्यमंत्री का चयन होने के तत्काल बाद भाजपा उनके दल की भी भूमिका तय कर दे।
सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि अनुप्रिया का यह भी प्रयास है कि उनके दल को कम से कम दो महत्वपूर्ण मंत्रालय सौंप दिया जाए। उन्होंने सांकेतिक तौर पर कार्यकर्ता सम्मेलन में इस बात पर चर्चा भी की है।
...तो तैयार हो चुकी है रणनीति
दरअसल यह पहला चुनाव है, जिसमें अपना दल (सोनेलाल) जैसे जातीय आधार पर बने छोटे दल को भी 9 सीटें मिली हैं और संयोग से प्रमुख सहयोगी दल भाजपा के नेतृत्व में सरकार भी बनने जा रही है।
इसलिए पार्टी सुप्रीमो अनुप्रिया की रणनीति है कि इस मौके का फायदा उठाते हुए पार्टी की हैसियत ऐसी बना दी जाए कि आगे के चुनाव में अकेले लड़ने की स्थिति में पहचान के संकट का सामना न करना पड़े। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर अनुप्रिया ने पार्टी की कमान अपने पति को सौंपी है।
सूत्रों का कहना है कि अनुप्रिया ने सत्ता में अपनी पार्टी की भूमिका को लेकर रणनीति तैयार कर ली है। जल्द वह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से इस मुद्दे पर मिल सकती हैं।
भासपा भी सरकार में भूमिका निभाने को तैयार
भाजपा की एक अन्य सहयोगी भासपा भी सरकार में अपनी पार्टी की भूमिका की पटकथा लिखने में जुटी है। समझौते में मिली 8 में से 4 सीटें जीतने वाली इस पार्टी की भी इच्छा है कि सरकार में उन्हें भूमिका निभाने का मौका मिले।
हालांकि अनुप्रिया की तरह भासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने फिलहाल इस तरह के कोई संकेत तो नहीं दिए हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि भासपा प्रमुख को भी उम्मीद है कि उन्हें भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलेगी।
सूत्रों का कहना है कि ओमप्रकाश खुद मंत्री बनने को लेकर अभी से समीकरण बिठाने में लगे हैं।