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मानसून तो रूठा ही, बिजली भी रुलाएगी
सुधीर कुशवाहा/अमर उजाला, लख्ानऊ
Updated Tue, 15 Jul 2014 09:41 AM IST
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एक तरफ बारिश न होने से लोग परेशान हैं वहीं, उत्पादन इकाइयों में खराबी के चलते सूबे में बिजली संकट गहरा गया है।
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अनपरा की 500 मेगावाट क्षमता की इकाई के बंद होने से हालात ज्यादा बिगड़ गए हैं और अतिरिक्त बिजली का इंतजाम करना पावर कॉर्पोरेशन के लिए काफी मुश्किल हो रहा है।
सोमवार को बिजली की मांग 12,500 मेगावाट से ऊपर पहुंच गई जबकि उपलब्धता 11,000 मेगावाट के आसपास ही रही।
बिजली की किल्लत का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के 8223 मेगावाट क्षमता के ताप बिजलीघरों से बमुश्किल अधिकतम 5000 मेगावाट बिजली ही मिल पा रही है।
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अभियंताओं का कहना है कि तापीय इकाइयों के साथ देने की वजह से आपूर्ति का शिड्यूल मेंटेंन रखना काफी मुश्किल हो रहा है।