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युवा दे सकते हैं देश को सही दिशा, 23 मार्च को प्रस्तावित सत्याग्रह से पहले अन्ना ने मांगा समर्थन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 26 Feb 2018 08:49 PM IST
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समाजसेवी अन्ना हजारे।
- फोटो : amar ujala
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आम जनता में भ्रष्टाचार के खिलाफ अलख जगाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे ने 23 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित सत्याग्रह से पहले अपने लखनऊ दौरे पर युवाओं का आह्रवान किया।
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उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत युवाओं को भ्रमित कर दिया गया है। वो एक साथ नहीं आ रहे हैं। विश्वविद्यालयों के कैंपस में रहते हैं लेकिन अलग-अलग समूहों में बंटे रहते हैं। जिससे कि वो अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल एक यूनिट के रूप में नहीं कर पाते हैं। अगर युवा एक साथ आ जाएं तो पूरे राष्ट्र को सही दिशा दे सकते हैं।
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अन्ना हजारे लखनऊ की राम मनोहर लोहिया लॉ यूनिवर्सिटी में सम्बोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि आज गांवों में भी यही हाल है। लोगों ने जाति और धर्म के आधार पर समूह बना रखे हैं। अगर संविधान के अनुसार चलते तो ऐसा कभी नहीं होता। देश की भलाई के लिए जरूरी है कि सभी साथ आएं।
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इसके पहले, दो दिवसीय जनजागरण यात्रा के लिए राजधानी आए अन्ना हजारे 11 बजे अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से वह सीधे काकोरी के लिए रवाना हो गए। वो इस समय लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर 23 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित सत्याग्रह आंदोलन की तैयारियों के लिए अन्ना जनजागरण अभियान में जुटे हैं।
अन्ना हजारे का कहना है कि देश में लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्त का कानून 2013 में पारित हो चुका है, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी इस पर अमल नहीं किया गया है। इतना ही नहीं इतने लंबे समय तक कानून को लटकाए रखने की वजह से सरकार की मंशा पर पूरे देश को शक पैदा होने लगा है। सरकार इसके प्रावधानों में संसोधन करके उसके पूरे उद्देश्य को ही समाप्त कर देना चाहती है। देश में किसानों की बदहाली पर भी अन्ना हजारे ने चिंता जाहिर की। उन्होंने सरकार से किसानों की फसालों का उचित मूल्य दिलाने और स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसाओं को तत्काल लागू करने की सिफारिश की है।